कुशीनगर। लखीमपुर खीरी निवासी कुलदीप की हत्या के आरोपी चाचा-भतीजे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा भी बरामद कर पुलिस ने हत्याकांड के पर्दाफाश का पुलिस ने दावा किया है। हत्या की वजह रिश्ता तय होने के बाद युवती के घर वालों के इंकार के बावजूद कुलदीप का शादी के लिए अड़ जाना बताया है। पुलिस का कहना है कि युवती के भाई और भतीजे ने हत्या के बाद शव को बोरे में भर कर बांसी नदी में फेंक दिया था।
एसपी नार्थ गौरव वंशवाल ने बताया कि लखीमपुर खीरी जनपद के थाना क्षेत्र नरदी के पसगंवा निवासी कुलदीप यादव पुत्र नरेश यादव की शादी कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी क्षेत्र के रूदवलिया गांव निवासी बिकाऊ यादव की पुत्री कविता के साथ तय हुई थी।
बाद में युवती के परिजनों ने शादी से इंकार कर दिया, लेकिन उसके बाद भी कुलदीप का रूदवलिया गांव पहुंच कर युवती से मिलने का सिलसिला नहीं रुका। आठ मार्च को जैसे ही कुलदीप फिर रूदवलिया गांव निवासी बिकाऊ के घर युवती से मिलने पहुंचा ,वैसे ही उसे वापस जाने की बात युवती के परिजनों ने कही, लेकिन कुलदीप उसी युवती के साथ शादी करने की जिद पर अड़ गया।
युवती के भतीजे राजकुमार यादव उर्फ मंटू ने रात में ही तमंचे से सिर में गोली मार कर कुलदीप की हत्या कर दी। बाद में युवती के भाई नरेंद्र यादव के सहयोग से शव को बोरे में रख कर कुबेर स्थान क्षेत्र के पचरूखिया के पास बांसी नदी में फेंक दिया था। नौ मार्च को पुलिस ने सूचना के आधार पर शव को बरामद करके पोस्टमार्टम कराया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में गोली मार कर हत्या करने की बात सामने आई। पीड़ित पिता नरेश ने बेटे के तय रिश्ते की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज कर जांच पड़ताल कर रही थी। पुलिस ने साक्ष्य संकलन के बाद हत्या में शामिल राजकुमार यादव उर्फ मंटू और उसके चाचा नरेंद्र यादव को गिरफ्तार किया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की यहीं कहानी बताई। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा पुलिस ने बरामद किया। आरोपियों को जेल भेज दिया गया। घटना का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर राम अशीष यादव, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल जयकुमार सिंह, कांस्टेबल कमलापति तिवारी आदि शामिल रहे।