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जयराम गौंड़ हत्याकांड में तीसरा आरोपी गिरफ्तार

Wed, 02 Jan 2019 11:35 PM IST
राकेश पांडेय अमर उजाला ब्यूरो
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पच्चीस हजार के इनामी बदमाश के बारे में जानकारी देते एसपी । - फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। व्यवसायी जयराम गौंड़ हत्याकांड में पडरौना कोतवाली की पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित है। उसके पास तमंचा-कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का अलग से मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
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जनपद मुख्यालय के निकट पडरौना कोतवाली क्षेत्र के भिस्वा सरकारी गांव के निवासी जयराम गौंड़ को 19 नवंबर की देर शाम रवींद्रनगर से घर जाते समय बाइकसवार बदमाशों ने एआरटीओ कार्यालय के निकट पर उन चुकीले हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया था।

इस मामले में मृतक के पुत्र संतोष की तहरीर पर हत्या, इसके लिए षडयंत्र रचने और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। इस मामले में पुलिस ने मनोज शर्मा और गोलू उर्फ अनुराग मिश्रा को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था, जबकि तीसरे अपराधी को बुधवार के दिन गुलेलहा स्थित ईट-भट्ठे से गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बुधवार को पुलिस कार्यालय में हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि एएसपी गौरव बंसवाल और सीओ सदर नितेश प्रताप सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम हत्याकांड के अनावरण में लगी थी। इसी क्रम में तीसरे अपराधी उमर अली उर्फ चांद बादशाह निवासी बतरौली थाना कुबेरस्थान को गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि इसने मनोज और गोलू के साथ जयराम गौंड़ की हत्या की थी। यह 25 हजार रुपये का इनामी है। एसपी ने बताया कि दवा व्यवसायी बृजेश तिवारी की हत्या में जेल गए भिस्वा सरकारी गांव के दो हत्यारोपियों में से एक पहले जमानत पर छूट गया था, जबकि दूसरे ने जेल में ही रहकर जमानत पर छूटने के लिए यह षडयंत्र रचा था। ताकि क्रॉस केस में उसे जमानत मिल सके। एसपी ने बताया कि तीसरे अपराधी की गिरफ्तारी में पडरौना के कोतवाल विजय राज सिंह, एसआई नागेंद्र सिंह, कांस्टेबल रवींद्र कुमार यादव और हरिंद्र कुमार यादव शामिल थे।

मृतक के बेटे ने सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा की मांग की
पडरौना। जयराम गौंड़ के बड़े बेटे संतोष ने डीएम और एसपी को ज्ञापन सौंपकर स्वयं तथा परिवार के लोगों की जान खतरे में होने का अंदेशा जताया। उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की।

संतोष ने ज्ञापन में कहा है कि उन्होंने आठ व्यक्तियों पर अपने पिता की हत्या की आशंका जताते हुए नामजद तहरीर दी थी। पुलिस ने आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिससे परिवार के लोगों के जान-माल पर खतरा है। उन्होंने ज्ञापन मेें यह भी बताया है कि चार जनवरी को उनके भाई की कोर्ट में पेशी है, जिसमें उनके छोटे भाई के साथ अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
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