कसया। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थल कुशीनगर में विदेशी पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। साथ ही स्वतंत्रता दिवस समाने है, लेकिन प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से लापरवाह बना हुआ है। 15 अगस्त को शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रभात फेरियां निकाली जाती हैं। इस वजह से बुद्ध मार्ग व महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में चहल-पहल बढ़ जाती है। आतंकी पहले महापरिनिर्वाण मंदिर को उड़ाने की धमकी दे चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की उदासीनता समझ से परे है।
महापरिनिर्वाण मंदिर के पास सोमवार सुबह सुरक्षा के इंतजाम नहीं के बराबर थे। मुख्य गेट पर बस एक गार्ड बैठा था। मंदिर में भगवान बुद्ध का दर्शन करने आने वाले लोगों की आईडी चेक कर उपस्थिति दर्ज की जा रही थी, लेकिन पुरातत्व विभाग की तरफ से तैनात महिला सुरक्षा गार्ड बूथ के अंदर बैठकर बातचीत में मशगूल थीं। कुछ देर में वहां टूरिस्ट पुलिस के जवान पहुंचे, लेकिन वे सीधे मंदिर गेट के अंदर लगे बेंच पर बैठकर आराम फरमाने लगे, जबकि इन्हें सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुरातत्व विभाग की तरफ से मंदिर में प्रवेश द्वार पर पर्यटकों की जांच करने के लिए लगा मेटल डिटेक्टर खराब पड़ा है।