स्कूल वैन का नहीं था रजिस्ट्रेशन
कुशीनगर पहुंचे परिवहन विभाग के अफसर, जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। बृहस्पतिवार की सुबह दुदही के पास हादसे का शिकार हुए स्कूली वैन का पंजीकरण ही नहीं था। इसकी जानकारी के बाद से परिवहन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। विभाग के कई बड़े अधिकारी गोरखपुर से कुशीनगर पहुंच गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है।
डिवाइन मिशन स्कूल दुदही का जो स्कूल वैन मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसे का शिकार हुआ उसका परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन ही नहीं हुआ था। इस बात की जानकारी होते ही परिवहन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए। गोरखपुर से पहुंचे आरटीओ ने मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त वाहन का चेसिस और इंजन नंबर नोट किया। जांच शुरू होते ही इस विभाग के अफसरों और कर्मचारियों की बेचैनी बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार अफसर इस बात की पड़ताल में जुटे हैं कि यह गाड़ी किस एजेंसी से खरीदी गई और बिना रजिस्ट्रेशन कैसे चलाई जा रही थी। विभाग के अनुसार पूरे जिले में मात्र 431 स्कूल वाहनों का ही पंजीकरण है। इन वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए नोटिस दिया गया था लेकिन इनमें से 120 स्कूल वाहनों ने फिटनेस नहीं कराया। परिवहन विभाग में पंजीकृत कई स्कूली वाहनों के फिटनेस की वैधता खत्म हो चुकी है। एआरटीओ आरके त्रिवेदी का कहना है कि बीते आठ व 15 अप्रैल को फिटनेस प्रमाण पत्र देने के लिए दफ्तर खोला गया था लेकिन अधिकांश स्कूल वाहनों के चालक और मालिक नहीं पहुंचे।
बगैर पंजीकरण के शोरूम से दी जा रही गाड़ियां
बगैर पंजीकरण के सड़क पर दौड़ रही गाड़ियों को लेकर वाहन बेचने वाली एजेंसियां भी काफी हद तक जिम्मेदार है। नियम के मुताबिक गाड़ियां बेचने वाली एजेंसियां बगैर पंजीकरण के वाहनों की डिलेवरी नहीं कर सकती है, लेकिन एजेंसियां इस नियम का पालन नहीं करती हैं। एजेंसियां वाहन बेचने के बाद केवल बीमा करके गाड़ियां ग्राहकों को सौंप देती है। इसके बाद ये गाड़ियां काफी समय तक बगैर पंजीकरण के ही सड़कों पर दौड़ती रहती हैं।
निरस्त हो सकता है एजेंसी का ट्रेड रजिस्ट्रेशन
परिवहन विभाग के सूत्रों की मानें तो अब नए बेचे गए वाहनों के पंजीकरण की जिम्मेदारी एजेंसी की होती है। एजेंसी अगर नियमों का पालन नहीं करती हैं तो परिवहन विभाग उस एजेंसी से वाहनों की बिक्री पर रोक लगा सकता है। संबंधित एजेंसी का ट्रेड रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की संस्तुति भी कर सकता है। कुशीनगर के एआरटीओ आरके त्रिवेदी ने इस नियम की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के बाद संबंधित एजेंसी को नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी।