हाटा। मुंडेरा उपाध्याय गांव में बिजली गिरने से हुई घटना के मामले में पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को पूर्व राज्य मंत्री राधेश्याम सिंह की अगुआई में गांव के सामने लोगों ने हाटा-देवरिया मार्ग जाम कर दिया। करीब तीन घंटे लगे जाम से यातायात प्रभावित रहा। बाद में एसडीएम के आश्वासन पर लोग मान गए। उसी के बाद वर्तमान विधायक और पूर्व मंत्री के बीच तीखी झड़प हुई। दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी किए। दोनों पक्ष को हटाने के लिए पुलिस को काफी मश्क्कत करनी पड़ी।
सोमवार की शाम को बिजली गिरने से मुंडेरा उपाध्याय गांव की दो सगी बहनों सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच महिलाएं झुलसी गई थी। जिसमें प्रशासन ने मृतकों के लिए दैवी आपदा कोष से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की थी। मंगलवार की सुबह पूर्व राज्यमंत्री गांव पहुंचे और मृतकों को पांच-पांच लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि की मांग को लेकर गांव के सामने हाटा-देवरिया मार्ग को जाम कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम दिनेश कुमार और कोतवाल मौके पर पहुंच गए और समझा बुझा कर जाम समाप्त कराया। उसके बाद पूर्व मंत्री मृतकों और घायलों के घर हाल जानने गए। पूर्व मंत्री वापस लौट रहे थे। उसी बीच वर्तमान विधायक पवन केडिया, नगर पालिका हाटा के अध्यक्ष मोहन वर्मा, भाजपा नेता पीएन पाठक आदि घायलों से मिलने गांव में पहुंचे। दोनों पक्ष गांव की सड़क पर आमने-सामने हुए तो पूर्व मंत्री ने विधायक को रोक कर उनसे सहायता राशि बढ़वाने की बात कही। उसी दौरान वहां मौजूद एक भाजपा कार्यकर्ता ने पूर्व मंत्री से उनके कार्यकाल से संबंधित सवाल पूछ लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और मामला बढ़ कर धक्का मुक्की तक पहुंच गया। वहीं इस घटना की निंदा पडरौना नगर के सर्राफा संघ ने भी की। संघ संरक्षक मोहन वर्मा और राजेंद्र वर्मा ने कहा कि इस तरह का व्यवहार करना किसी भी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देता है।
रात में मेडिकल कॉलेज से हुए वापस, सुबह पहुंचे हाटा अस्पताल
रामपुर बुजुर्ग। बिजली गिरने से झुलसे लोगों को सीएचसी हाटा से गंभीर हाल में उन्हें सोमवार को डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया था, जहां से रात को सभी घायलों को घर वापस भेज दिया गया। उनमें से कुछ की हालत मंगलवार की सुबह खराब हो गई। जिनको हाटा सीएचसी पर डॉक्टरों की एक टीम गठित कर इलाज हो रहा है। सोमवार को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज भेजी गई जगदीश की पत्नी इसरावती देवी, लालमती, बिंदू, कौशल्या और परमहंस की पत्नी इसरावती देवी को रात में मेडिकल कॉलेज से वापस गांव भेज दिया गया था। सुबह इन लोगों की हालत फिर खराब हो गई। गांव के लोग इस बात से काफी नाराज थे कि मेडिकल कॉलेज में घायलों के इलाज में लापरवाही की गई और बगैर हालत में सुधार हुए ही इन लोगों को वापस घर भेज दिया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर अजय सिंह ने बताया कि सभी घायलों की स्थिति में सुधार है।
नेताओं की नोकझोंक से गांव के लोग दंग
हाटा। गांव के लोगों के दुख में शामिल होने गए नेताओं के बीच हुई नोकझोंक से गांव की जनता दंग है। एक तरफ पूरा गांव मातम में डूबा हुआ था तो दूसरी ओर नेता बर्चस्व की लड़ाई के लिए आमने-सामने हो गए। एक दिन पहले हुई घटना से लोग अभी उबर ही नहीं पाए थे कि मंगलवार को एक बार फिर गांव सुर्खियों में आ गया। स्थिति यह है कि क्षेत्र में बिजली की चपेट में जान गवाने और घायल हुए लोगों से अधिक चर्चा इन नेताओं के बर्चस्व की जंग हो गई।
मुंडेरा उपाध्याय गांव में सोमवार को बिजली की चपेट में आने से दो सगी बहनों सहित तीन लोगों की मौत और पांच के घायल होने से पूरे क्षेत्र में चर्चा में आया था। यही गांव मंगलवार को सत्तधारी और विपक्ष के कद्दावर नेताओं की लड़ाई से फिर सुर्खियों में आ गया। गांव और आस पास के जो लोग मंगलवार को मृतकों और घायलों के परिवार का हाल जानने पहुंचे थे, वे इन नेताओं के बीच हुए तीखी झड़प के तमाशबीन बन गए। घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों के मोबाइल कैमरों में कैद की गई घटना की वीडियों क्षेत्र में वायरल हो रही है। जिसे लोग चटकारे लेकर देख रहे है। फिर हाल गांव में हुई सोमवार की दुखद घटना से अधिक मंगलवार को हुई नेताओं की आपसी नोकझोंक की अधिक चर्चा है।