कसया। धुरिया सिंहपुर गांव के किसान गोविंद सिंह की खुदकुशी के मामले में गुरुवार को तब नया मोड़ आ गया, जब डायरी में सुसाइड नोट मिल गया। उसमें दो सगे भाइयों व चाचा से क्षुब्ध होने का जिक्र है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय व सीओ रामदास प्रसाद की जांच में गोविंद सिंह की डायरी मिली। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडेय ने बताया कि डायरी में सुसाइड नोट मिला है। उसमें चाचा बांके सिंह की जमीन के लिए विवाद का जिक्र है। बांके सिंह की कोई संतान न होने से उनकी संपत्ति के लिए गोविंद सिंह का उनके भाई भगवान सिंह व रविंद्र सिंह से विवाद चल रहा था। सुसाइड नोट में कर्ज की अदायगी के लिए प्रताड़ित करने की बात का भी जिक्र है।
बताया जा रहा है कि चाचा की जमीन के मामले में दीवानी न्यायालय कसया से निर्णय हो चुका है। कोर्ट ने बांके सिंह की जमीन को तीनों भाइयों गोविंद सिंह, भगवान सिंह और रविंद्र सिंह में बंटवारे का आदेश दिया था। गोविंद सिंह ने स्वयं सहायता समूह व साहूकारों से लिए कर्ज लिया था।
लोगों को कहना है कि कभी-कभी गोविंद सिंह को अपनी जमीन बेचकर कर्ज लौटाने के लिए परेशान किया जाता था। प्रभारी थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में घर के लिए 1.20 लाख रुपये कर्ज लेने की बात लिखी है। यह भी लिखा है कि दोनों भाई और चाचा दबाव बनाते थे। इन्हीं तीनों लोगों की वजह से वह आत्महत्या कर रहे हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों भाइयों व चाचा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर कर भगवान सिंह व रविंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होनी बताई गई है।
पत्नी के सामने पुत्र-पुत्री की जिंदगी संवारने की चुनौती
कसया। तहसील क्षेत्र के गांव धुरिया सिंहपुर निवासी किसान गोविंद सिंह की आत्महत्या से परिवार की परवरिश का संकट खड़ा हो गया है। पति की मौत के गम में डूबीं पत्नी के सामने अपने पुत्र-पुत्री की जिंदगी संवारने की चुनौती आ खड़ी हो गई है। घर में मातमी सन्नाटा है। बुजुर्ग मां भी बेटे की मौत से स्तब्ध हैं। वह कुछ नहीं बोल पा रही हैं।
किसान गोविंद सिंह की आत्महत्या की घटना ने परिवार के साथ गांव के लोगों को झकझोर दिया है। इससे मृतक की पत्नी किरन (40) के सामने बेटी रिंकू (18) और बेटा मनीष सिंह (14) की जिंदगी संवारने की चुनौती है। बुजुर्ग मां शांति (65) की देखभाल की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर आ गई है। घटना से गांव के लोग भी गमगीन है।
पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिग
मृतक किसान गोविंद सिंह की पीएम रिपोर्ट में मौत की वजह फंदे पर लटकने से होने की पुष्टि हुई है। जिसमें दम घुट जाना है। पुलिस मौत की यहीं वजह पीएम रिपोर्ट में आना बता रही है। मौत मंगलवार की रात में ही होने की बात सामने आई है।
मिली होती सरकारी मदद तो शायद नहीं देते जान
कसया। गांव के लोगों को कहना है कि पिछले साल गोविंद सिंह को गंभीर बीमारी हो गई थी। दिल्ली के जगजीवन राम अस्पताल में एक से डेढ़ लाख रुपये खर्च कर इलाज कराया था। छह माह बाद फिर तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल में इलाज हुआ था। इसके अलावा चाचा बांके सिंह की जमीन के मुकदमे में भी काफी रकम खर्च हो गई थी। इससे गोविंद सिंह परेशान थे। गोविंद सिंह को न तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिली और न ही आयुष्मान भारत योजना का लाभ। उज्ज्वला योजना से भी उनका परिवार वंचित है। सिर्फ सौभाग्य योजना से बिजली कनेक्शन मिला है। गांव वाले कहते हैं कि अगर इन योजनाओं का लाभ मिला होता तो गोविंद सिंह मौत को गले नहीं नहीं लगाते।
सदन में उठाएंगे किसान की आत्म हत्या का मामला : विधायक
पड़रौना। कांग्रेस विधायक अजय कुमार लल्लू गुरुवार को धुरिया सिंहपुर गांव में पीड़ित किसान के घर पहुंचे और घटना की जाननारी हासिल की। किसान गोविंद सिंह की मौत पर दुख जताया और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया। विधायक अजय कुुमार लल्लू ने कहा कि किसान गोविंद सिंह कर्ज में डूबने की वजह से आत्म हत्या कर ली। सरकार की किसानों को मदद पहुंचाने और कर्जमाफी की योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। इस मामले में सदन में उठाएंगे। पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया।