जटहां बाजार/कठकुइयां। पडरौना कोतवाली क्षेत्र के खिरकिया गांव में खेत के बंटवारे को लेकर अपने बेटे को फावड़े से मारकर घायल करने वाला पिता ट्रेन से कट गया। उसका शव सिधुआ में रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ रविवार को सुबह देखा गया। जेब में मिले आधारकार्ड से उसकी शिनाख्त हुई। उधर घायल उसका बड़ा बेटा मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के खिरकिया गांव के पूर्वी टोला निवासी जंगली मंसूरी (50) शनिवार की शाम को अपने खेत में धान का बेहन (नर्सरी) गिरा रहे थे। उसी दौरान उनका बड़ा लड़का मुस्लिम मंसूरी जो कई महीने से उनसे अलग रहता था, खेत में पहुंचा और हिस्से का बंटवारा होने तक धान का बेहन गिराने से रोकने लगा। इससे गुस्साए पिता जंगली फावड़ा से मुस्लिम के सिर पर प्रहार कर वहां से भाग गए थे। आसपास के लोगों ने मुस्लिम को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। इधर, रविवार की सुबह पडरौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ही सिसवा रेलवे क्रासिंग पर एक व्यक्ति का टुकड़ों में कटा शव देखकर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। एसआई सजनू यादव सिपाही के साथ मौके पर पहुंचे और तलाशी लेने पर मृतक के जेब से ड्राइविंग लाइसेंस मिला, जिसके आधार पर शव की शिनाख्त खिरकिया के पूर्वी टोला निवासी जंगली मंसूरी के रूप में हुई। चर्चा है कि बड़े बेटे पर फावड़े से जानलेवा प्रहार करके घायल करने के बाद से जंगली मंसूरी पछतावे में थे। इसके चलते उन्होंने ट्रेन के आगे कटकर अपनी जान दे दी। जंगली का मझला बेटा पूना और सबसे छोटा लड़का गोरखपुर गया था। कोतवाल विजयराज सिंह ने कहा कि बेटे पर हमला करने के बाद उन्होंने कुंठित होकर आत्महत्या कर लिया होगी।