हत्या, लूट, धोखाधड़ी, तस्करी में शामिल आरोपियों ने बताए वेब सिरीज के नाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोना काल के बाद सिनेमा में बड़ा बदलाव देखने को मिला। बड़े परदे की जगह ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर फिल्म देखने का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन ओटीटी पर क्राइमबेस्ड वेब सिरीज की भरमार है। इन वेब सीरीज में जिस तरह से क्राइम का महिमामंडन किया गया है। उससे युवाओं के जीवन और समाज पर बुरा प्रभाव पड़ा है। इन वेब सीरीज से युवा इतना प्रभावित हो रहे हैं कि न केवल घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, बल्कि पुलिस से बचने के तरीके भी ढूंढ रहे हैंं। रील लाइफ से सीखी तरकीब पुलिस के लिए तफ्तीश को मुश्किल बना रही है।
एक महीने के अंदर तस्करी, चोरी, बाइक चोरी, लूट, हत्या और धोखाधड़ी के कई ऐसे मामलों का पुलिस ने खुलासा किया। इसमें पता चला कि संलिप्त अपराधियों ने अपराध करने के तरीके फिल्मों, सीरियल या वेब सीरीज देखकर सीखे थे। झाड़ू लदे कंटेनर में चालक ने अपनी सीट के पास ही एक बॉक्स बनवा दिया था। पुलिस जांच भी करती तो पकड़ में नहीं आता था। सटीक मुखबिरी से वह गिरफ्त में आया। उसने स्वीकार किया कि वह मनी हाईस्ट मशहूर क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज व पुष्पा मूवीज देखकर तस्करी के पेशे में आया व पुलिस से बचने का तरीका आजमाया था।
ये हैं ओटीटी प्लेटफॉर्म ओटीटी एक ऐसा प्लेटफॉर्म होता है, जो कुछ और प्लेटफॉर्म की मदद से आपके लिए फोन पर ही कई तरह की फिल्में, सीरीज और शो उपलब्ध कराता है। ओटीटी प्लेटफाॅर्म पर क्राइम वेब सीरीज सहित फिल्में उपलब्ध हैं। आज के समय में गोरखपुर जोन के लोगों में भी इसका तगड़ा क्रेज है। नेटफ्लिक्स प्राइम वीडियो, हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म क्षेत्र में सबसे ज्यादा प्रचलित हैं।
केस नंबर-एक
बीते 20 मई को तरयासुजान की पुलिस ने हत्या का पर्दाफाश किया। इसमें पकड़े गए तीन अभियुक्तों ने बताया कि वे तीनों हत्या करने के पहले मिर्जापुर वेब सीरीज देखते थे। इसके साथ क्राइम से जुड़े कई वीडियो देखते थे, जिससे पुलिस को चकमा दे सकें। उन्होंने बताया कि ताड़ छीलने वाले पसुली और पसुली में धार लगाने वाले बांस के फट्टे से मारकर हत्या कर दी। पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया, जिससे मृत्यु का कारण ट्रेन से होना प्रदर्शित हो सके।
केस नंबर-दो
बीते 11 मई को कूटरचित दस्तावेज, आधार कार्ड के माध्यम से फ्रॉड करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ था। इसमें पकड़े गए दो अभियुक्तों ने बताया कि वे पुष्पा फिल्म, भौकाल, रॉकेट ब्वॉयज, दिल्ली क्राइम सीजन दो सहित कई क्राइम से जुड़ी मूवीज भी देखते थे। यही देखकर भोले-भाले लोगों को विदेशों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे अधिक से अधिक धन ऐंठकर उनको कूटरचित दस्तावेज देते थे। कई एप के माध्यम से आधार कार्ड के डेटा को क्यूआर जेनरेट कर लोगों की आवश्यकता अनुसार एडिट कर बदल देते थे। उन्होंने बताया कि वेब सीरीज देखकर ही तीन महीने तक पुलिस को चकमा देते रहे।
केस नंबर-तीन
दो मई को तरयासुजान की पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गैंग का पर्दाफाश किया था। एक कंटेनर से तस्करी कर ले जाया जा रहा 102 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। पकड़े गए अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें पुष्पा मूवीज देखकर तस्करी का आइडिया आया। वे लोग उड़ीसा, असम एवं बंगाल सहित अन्य राज्यों से गांजा कम दाम पर लेकर यहां आते थे तथा बिहार व उत्तर प्रदेश के आसपास के जनपदों में ग्राहक सेट करके बेचकर अधिक लाभ कमा लेते थे। वेब सीरीज देखकर चालक की सीट के पीछे कंटेनर में एक बॉक्स बनाए थे। उस पर पुलिस की नजर नहीं पड़ती थी। पीछे झाड़ू या कोई अन्य सामान लादकर ही निकलते थे।
केस नंबर-चार
बीते तीन मई को नेबुआ नौरंगिया की पुलिस ने लूट की घटना का पर्दाफाश किया। इसमें पकड़े गए दो अभियुक्तों ने बताया कि क्राइम संबंधित मूवीज और कई प्रकार के वेब सीरीज देखते थे। वे बाइक लूट की घटना को अंजाम देते थे। पुलिस से बचने के लिए धूम मूवीज की तरह तेज रफ्तार में बाइक चलाते थे। रेसर बाइक बरामद हुई थी।
वर्जन
अधिकतर घटनाओं में शामिल अभियुक्त यही बताते हैं कि वे वेब सीरीज या किसी फिल्म को देखकर ही पुलिस से बचने का तरीका ढूंढते हैं।
-धवल जायसवाल, पुलिस अधीक्षक