- पुलिस के समझाने पर खेत में किए शव का अंतिम संस्कार
- पटहेरवा के करमैनी गांव के रामकोला टोला के पास श्मशान घाट पर भरा था कमर तक पानी
उजारनाथ। पटहेरवा के करमैनी गांव के रामकोला टोला स्थित श्मशान घाट पर कमर तक पानी भर गया है। इसके कारण शवों के अंतिम संस्कार में दिक्कत हो रही है। इससे नाराज लोगों ने मंगलवार को सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि श्मशान घाट पर मिट्टी न डलवाने के कारण यह स्थिति हुई है। प्रदर्शन की जानकारी होने पर इंस्पेक्टर पटहेरवा टीम के साथ पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटे बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने पास के एक खेत में अंतिम संस्कार किया।
करमैनी गांव के रामकोला टोला निवासी शिव प्रसाद की पत्नी कइलेश्वरी देवी (60) की सोमवार शाम सात बजे निधन हो गया था। मंगलवार की सुबह दस बजे ग्रामीण अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट पर ले गए। श्मशान घाट पर कमर तक पानी भरा हुआ था। जिसके कारण अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं मिली। इस बात से नाराज ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर पूरे गांव के लोग शवों का अंतिम संस्कार करने आते हैं। पर, वहां गड्ढों को नहीं भरा जा रहा है। इससे बारिश होने पर जलभराव हो जा रहा है। इसके कारण शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बृजेश प्रसाद गोंड, बैरिस्टर गोंड, शिवनाथ, जयचंद कुशवाहा, उमेश कुमार, अरविंद कुमार, राम प्रसाद, राजू कुमार, रामनरेश, राजेश प्रसाद, हरिकिशुन, लल्लन चौहान, मलख, जावेद अख्तर, सहित काफी संख्या में मौजूद ग्रामीणों और मृतका के परिजनों ने सड़क पर शव को रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने इंस्पेक्टर को बताया कि पिछले साल श्मशान घाट को समतल कराया गया था। पर, मिट्टी नहीं डलवाई गई। इसके कारण बारिश होने के बाद जलभराव हो गया। अब शव का अंतिम संस्कार कहां करें। बाद में शव का अंतिम संस्कार एक खेत में कर दिया गया।
प्रधान ने कहा कोई अधिकारी नहीं सुन रहा
ग्राम प्रधान जुल्फिकार अंसारी भी प्रदर्शन में शामिल थे। उन्होंने कहा कि मैंने अपने लेटरपैड पर विधायक सहित उच्चाधिकारियों को लिखित पत्र दिया था कि श्मशान घाट की चहारदीवारी और मिट्टी भराई कराई जाए, लेकिन किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। इस वजह से श्मशान घाट पर पानी भर जाता है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि श्मशान घाट पर ग्राम प्रधान की ओर से 15 ट्राली मिट्टी डलवाने का आश्वासन दिया गया है। तब ग्रामीणों ने शिव प्रसाद की पत्नी कइलेश्वरी देवी का अंतिम संस्कार खेत में किया।