मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में एकडंगा गांव के पास दिखा घड़ियाल। स्रोत-साेशल मीडिया
- नहर में पानी अधिक है, वन विभाग बनाए हुए है नजर
खड्डा। गंडक नदी से निकली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर में पहुंचा इन दिनों घड़ियाल देखा जा रहा है। वह चार दिनों से नहर में देखा जा रहा है। मंगलवार को भी इसे देखा गया। वन विभाग नजर बनाए हुए है और लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की है। गंडक नदी में घड़ियालों को संरक्षित करने का कार्यक्रम वाल्मीकि टाइगर रिजर्व की ओर से चलाया जा रहा है।
महराजगंज और कुशीनगर से होकर गुजरने वाली मुख्य पश्चिमी गंडक नहर व विहार में स्थित तिरहुत कैनाल भारत-नेपाल सीमा स्थित वाल्मीकि गंडक बैराज के पास से निकलती है। इसी पानी के रास्ते घड़ियाल व मगरमच्छ चले आते हैं। बताते चलें कि घड़ियाल व मगरमच्छ दोनों अलग अलग प्रजाति है। दोनों के स्वभाव में अंतर है। घड़ियाल मानव को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, जबकि मगरमच्छ काफी खतरनाक होते हैं। लगभग चार दिन पहले खड्डा क्षेत्र के गुलहरिया गांव के पास नहर में घड़ियाल को लोगों ने देखा था। मंगलवार को भी उसे नहर में बंजारीपट्टी गांव के पास देखा गया। उल्लेखनीय है कि नदी से नहर के रास्ते तथा बरसाती नाले के रास्ते मगरमच्छ रिहाइशी इलाके में पहुंच जाते हैं। इस संबंध में डिप्टी रेंजर अमित कुमार तिवारी का कहना है कि चार दिन पहले नहर में घड़ियाल देखा गया था। नहर में पानी ज्यादा है। नजर रखी जा रही है।