पुलिस कार्रवाई में पकड़े गए दलाल।
पडरौना। मेडिकल कॉलेज से दबोचे गए छह दलालों पर पुलिस ने केस दर्ज कर शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोप है कि ये लोग जिला अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में पहुंचाने से लगायत मेडिकल स्टोर से महंगी दवाओं के खरीदवाने और जांच में सहायता के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों का आर्थिक शोषण करते थे।
एएसपी अभिनव त्यागी ने प्रेसवार्ता में बताया कि दलाल मरीजों और उनके परिजनों को भ्रमित कर उनको अस्पताल के बाहर खुले मेडिकल स्टोर से महंगी दवाओं को खरीदवाते हैं, इसके एवज में उनको कमीशन मिलता है। जांच में सहायता के नाम पर मरीजों से निशुल्क जांच के लिए भी रकम ऐंठ लेते थे। गंभीर रूप से घायल मरीज या हायर सेंटर रेफर मरीजों को जबरदस्ती नगर के निजी अस्पतालों में पहुंचाते हैं। शुक्रवार को दलालों के गिरफ्तारी के बाद ईएमओ रजत कुमार साहा ने पुलिस को तहरीर दिया कि मेडिकल कॉलेज में दलालों और निजी एंबुलेंस चालकों की सक्रियता बढ़ गई है। परिसर में घूम रहे दलाल भोले भाले मरीजों और उनके तीमारदारों के हाथ से दवाइयों का पर्चा छीन लेते हैं और मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं। दलाल और एंबुलेंस चालक भर्ती मरीजों को बहला फुसलाकर निजी अस्पतालों में लेकर चले जाते हैंं। कोई स्वास्थ्य कर्मी इसका विरोध करता है तो, उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करते हैं। पुलिस ने रविंद्र नगर थाना क्षेत्र के भिसवां सरकारी गांव निवासी उपेंद्र गौंड़, अखिलेश कुमार राय, कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के सहजवलिया गांव निवासी दिलीप सिंह, रामकोला थाना क्षेत्र के माधोपुर गौजहीं गांव निवासी राजकुमार गोंड़, कसया थाना क्षेत्र के भैंसही गांव निवासी जनार्दन शर्मा और पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के जंगल चौरिया निवासी अमन कुमार निषाद पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भिजवा दिया। पुलिस का दावा है कि दलाल मेडिकल कॉलेज में गैंग बनाकर मरीजों का आर्थिक शोषण करते थे। विरोध करने पर दबंगई दिखाते थे।