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टीका पर अफवाहों से घबरा रहे मुसहर

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टीका पर अफवाहों से घबरा रहे मुसहर
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- मुसहर समुदाय के लोगों के टीकाकरण के लिए शासन और प्रशासन गंभीर
- एडीएम बोले, टीके से कोई नुकसान नहीं, बेझिझक लगवाएं
- डॉक्टर बोले- कोरोना महामारी से लड़ने की ताकत देता है टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोरोना महामारी से बचाव के लिए लगाए जा रहे टीके से कोई नुकसान नहीं है। टीका लगवाने की देन है कि लोग संक्रमित होने के बावजूद पूरी तरह ठीक हो जा रहे हैं, लेकिन मुसहर समुदाय के लोगों का मानना है कि टीका नुकसानदायक है। इस भ्रांति से वे उबर नहीं पा रहे हैं। ऐसे कुछ लोगों से बातचीत कर टीका न लगवाने का कारण जानने की कोशिश की गई।
विशुनपुरा ब्लॉक के जंगल सिंघापट्टी गांव में मुसहर समुदाय के 108 परिवार निवास करते हैं और इनकी आबादी 430 बताई जा रही है। इनमें किसी भी व्यक्ति ने अब तक कोरोनारोधी टीका नहीं लगवाया है। उन्हें टीका लगवाने के लिए बार-बार प्रेरित किया जा रहा है। इस गांव के प्रधान प्रतिनिधि भीम सिंह ने बताया कि कोविड टीकाकरण के लिए यहां कई बार कैंप लगा, लेकिन इनमें कोई भी व्यक्ति टीका लगवाने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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इस गांव के मुसहर गोरख ने बताया कि कोविड का टीका लगवाने में बहुत परेशानी है। इन्हें भ्रम है कि टीका के बाद परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए टीका नहीं लगवाएंगे। इस टोले के निवासी सुरेंद्र मुसहर ने बताया कि कोविड का टीका लगते ही लोग बीमार हो जा रहे हैं। जिनके पास रुपये हैं, वह इलाज कराकर बच जा रहे हैं, लेकिन हम लोग गरीब हैं। दवा और रुपये के अभाव में मर जाएंगे। यहां के ग्राम पंचायत सचिव राजेश यादव ने बताया कि गांव में कई बार गए हैं, लेकिन मुसहर परिवार के लोग कोविड का टीका नहीं लगवाना चाहते।
खड्डा तहसील क्षेत्र के सालिकपुर गांव के रहने वाले महेंद्र मुसहर ने बताया कि कोरोनारोधी टीका लगने से बुखार हो जा रहा है। कई दिनों तक तबीयत ठीक नहीं रहती, जिससे शरीर की हालत बिगड़ जा रही है। इसलिए वह टीका नहीं लगवा रहे।
खड्डा तहसील क्षेत्र के ही दरगौली गांव के निवासी लक्ष्मी मुसहर ने बताया कि ऐसा सुनने को मिल रहा है कि यह टीका लगने से लोग मर जा रहे हैं। ऐसे में हम भयभीत हैं।
इन भ्रांतियों की वजह से मुसहर समुदाय के ज्यादातर लोग टीका लगवाना नहीं चाहते। डीएम की तरफ से ऐसे लोगों के भ्रम को दूर कर टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने का निर्देश अफसरों को दिया गया है।
अफसरों ने लगवाया था टीका, इसलिए जल्दी स्वस्थ हो गए-
एडीएम विंध्यवासिनी राय ने बताया कि वह फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण शुरू होने पर उन्होंने पहले दिन ही जिला अस्पताल में बने टीकाकरण केंद्र में पहुंचकर टीका लगवाया था। उन्होंने निर्धारित समय पर टीके की दोनों डोज ली। यही वजह रही कि लगातार कार्य के दौरान संक्रमित जरूर हुए, लेकिन बहुत जल्द स्वस्थ भी हो गए और अब पुन: ड्यूटी पर आ गए हैं। एडीएम ने कहा कि टीके का कोई नुकसान नहीं है। इसलिए भ्रम में पड़ने की आवश्यकता नहीं है।
इसी तरह डीएम एस. राजलिंगम पंचायत चुनाव के दौरान कोरोना से संक्रमित हुए थे, लेकिन अपनी बारी आने पर उन्होंने भी टीके की दोनों डोज ली थी, जिससे जल्दी स्वस्थ हुए और ड्यूटी कर रहे हैं। इसी प्रकार डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने भी टीके की दोनों डोज ली है। कोविड से संक्रमित भले हुए, लेकिन शीघ्र स्वस्थ हो गए।
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कोरोना महामारी से बचाव में टीका बहुत कारगर है। हमने 16 जनवरी को पहले दिन ही सबसे पहले पडरौना शहर के राजकीय महिला अस्पताल स्थित प्रसवोत्तर केंद्र में बने टीकाकरण बूथ पर पहुंचकर टीका लगवाया था। दोनों टीके समय पर लगवाए। इसी की देन रही कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में भी बेझिझक अपने अस्पताल में मरीजों का इलाज किया। अगर टीका नहीं लगा होता, तो इस महामारी में हम लोगों का इलाज नहीं कर पाते। यह टीका हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है, जिससे कोरोना महामारी के संक्रमण का खतरा बहुत कम हो जाता है।
डॉ. अजय शुक्ला, एमडी, फिजिशियन पडरौना।
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