दोगुनी हो रही है जांच, एक-एक मरीज से लिया जा रहा फीडबैक
- डीएम व नोडल अफसर ने कोविड संक्रमण रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की दी जानकारी
- अब तक कराए गए कार्यों पर फीडबैक भी लिया
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है। सर्वे कराकर कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को चिन्हित किया गया है। अब उनकी प्राथमिकता के आधार पर जांच कराई जा रही है। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से भी हर दिन फीडबैक लिया जा रहा है। इसके अलावा सपहा व सेवरही सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी मिल चुकी है। सभी सीएचसी को भी कोविड अस्पताल के रूप में तब्दील करने के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा रहे हैं। कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए अभी से पीकू वार्ड को अपग्रेड किया जा रहा है।
ये बातें मंगलवार की दोपहर में डीएम एस राजलिंगम ने कहीं वे जनपद में कोविड प्रबंधन विषय पर कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। ग्रामीण क्षेत्र में फैलते संक्रमण को लेकर उठे सवाल का जवाब देते हुए डीएम ने कहा कि निगरानी समितियों को मजबूत किया जा रहा है। आशा के माध्यम से सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं। विगत पांच से नौ मई तक डोर टू डोर सर्वे कार्यक्रम चला था। उस दौरान चिन्हित लक्षणयुक्त या संदिग्ध लोगों को तुरन्त मेडिकल किट उपलब्ध करवाया जा रहा है। सेवरही एवं सपहा सीचसी परिसर में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की अनुमति मिल गई है। कार्यदाई एजेंसियों से बातचीत चल रही है, जल्दी ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक भी अपना योगदान दे रही है। गोरखपुर की एक गैस कम्पनी भी इस दिशा में आगे आई है। अब जनपद में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता है। कोरोना की तीसरी लहर एवं बच्चों में संक्रमण की स्थिति पर डीएम ने कहा कि तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में इंसेफेलाइटिस ग्रसित बच्चों के इलाज के लिए पिकू वार्ड को अपग्रेड किया जा रहा है। प्रत्येक सेंटर पर पांच-पांच बेड बच्चों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी है।
इसके अलावा नोडल अधिकारी पनधारी यादव ने भी पत्रकारों से बातचीत की। नोडल अफसर ने बताया कि उन्होंने कुछ ग्राम क्षेत्रों का दौरा किया है तथा वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की है। गांवों में निगरानी समितियां बनी हैं साथ ही साथ ग्राम पंचायत तथा आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी निरन्तर संदिग्धों को चिन्हित कर रही हैं। आरआर टीम भी सक्रिय है। नोडल अधिकारी का कहना था कि कोविड अस्पताल में व्यवस्था भी ठीक है। सीएमओ नरेंद्र गुप्ता ने बताया कि हर दिन दो हजार लोगों के जांच का लक्ष्य है, जिसके सापेक्ष अपने जिले में चार हजार लोगों की जांच की जा रही है।