कोरोना संक्रमित मरीजों का अब जिले में भी किया जाएगा इलाज
- कुल 290 बेड के तीन अस्पताल तैयार
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पडरौना। बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में कोरोना संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से अब जिले स्तर पर ही ऐसे मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जाएगा। ऐसे मरीजों को भर्ती कर इलाज के लिए तीन स्थान निर्धारित किए गए हैं। इन अस्पतालों में 290 बेड उपलब्ध हैं।
कोरोना का संक्रमण जिले में धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। अब तक मुम्बई सहित अन्य शहरों से आए 10 संक्रमित लोगों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उनमें दो की मौत हो चुकी है और तीन लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। उन्हें होम क्वारन्टीन किया गया है, जबकि पांच लोग मेडिकल कॉलेज में ही भर्ती हैं। इसके अलावा दो सौ से अधिक संदिग्ध लोगों के सैम्पल की रिपोर्ट प्रतीक्षारत है। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती भीड़ की वजह से गम्भीर मरीजों के इलाज में दिक्कत हो रही है। संख्या बढ़ने के साथ यह समस्या और बढ़ती जाएगी। इसको देखते हुए अब जिले पर ही कोरोना के मरीजों को भर्ती किए जाने का निर्देश दिया गया है।
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290 बेड के तीन केंद्रों को किया गया सक्रिय
कोरोना के लक्षण वाले मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज करने के लिए पडरौना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय में 250 बेड का अस्थाई अस्पताल बनाया गया है। यह एल-1 अटैच्ड श्रेणी का अस्पताल है। यहां सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी तकलीफ वाले मरीज भर्ती किए जाएंगे। कसया क्षेत्र के सपहां में 30 बेड का अस्पताल आरक्षित किया गया है। जहां कोरोना के लक्षण लेकिन कम प्रभावित मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसे एल-1 श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा जिला अस्पताल के बगल में बने 100 बेड के एमएमसीएच विंग में भी 10 बेड का वार्ड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। यहां कोरोना के कन्फर्म मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसे भी एल-1 श्रेणी में रखा गया है। यहां जिन मरीजों को ठीक नहीं किया जा सकेगा, उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।
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तीन शिफ्टों में कई गई है डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती-
इन तीनों अस्पतालों में भर्ती किए जाने वाले मरीजों के इलाज के लिए दो-दो डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। प्रत्येक अस्पताल पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट कम एलटी, स्टाफ नर्स और वार्ड ब्याय या स्वीपर सहित पांच का स्टाफ प्रत्येक शिफ्ट में तैनात रहेगा। इनकी ड्यूटी लगा दी गई है।
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मेडिकल कॉलेज में कोरोना के मरीजों की संख्या अधिक होने से अब उन्हें जिले पर ही भर्ती किया जाएगा। इस जिले में तीन अस्थाई अस्पताल बनाए गए हैं। वहां स्टाफ तैनात कर दिए गए हैं। वे शिफ्टवार द ड्यूटी करेंगे।
डॉ. एनपी गुप्ता, सीएमओ