कुशीनगर। जिले में धर्मांतरण कराने वालों की सक्रियता बढ़ती जा रही है। इसके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। समय-समय पर पुलिस कार्रवाई भी करती है, लेकिन इसकी जड़ तक नहीं पहुंच पाती। मंगलवार को दो किशोरियों का धर्मांतरण करा शारीरिक शोषण करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने जेल भिजवा दिया।
पुलिस की जांच में आरोपियों के नेपाल और बिहार का कनेक्शन मिला है, जिसको टीम खंगाल रही है। इसके अलावा मिशनरियों के भी दलाल उन जगहों पर ज्यादा सक्रिय हैं, जहां गरीबी और अशिक्षा अधिक है। वहां पहले धार्मिक आयोजन होता है और फिर धीरे-धीरे अंधविश्वास में धर्म परिवर्तन का खेल हो जाता है। विशुनपुरा क्षेत्र में धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के तीन गुर्गों को पुलिस जेल भेज चुकी है। इससे पहले तुर्कपट्टी, खड्डा आदि क्षेत्रों में धर्मांतरण के मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल धर्मांतरण को लेकर जिले में जांच एजेंसियां भी सक्रिय हैं। धर्मांतरण के आरोप में दर्ज मुकदमे और आरोपियों के बारे में जांच एजेंसी जानकारी जुटा रही हैं।
जिले में पिछले छह माह में 10 से अधिक धर्मांतरण के मामले सामने आ चुके हैं। बिहार से जुड़े इलाके दुदही, खड्डा, विशुनपुरा, तुर्कपट्टी और अन्य क्षेत्रों में समय-समय पर मिशनरियों के दलाल सक्रिय देखे गए हैं। इन इलाकों में सक्रियता का एक कारण यहां बेरोजगारी और अशिक्षा भी है। जिसके कारण लोग आसानी से अंधविश्वास के चक्कर में पड़ जाते हैं और धर्म परिवर्तन हो जाता है।
इसी इलाके से तीन गुर्गे पूर्व में जेल भेजे जा चुके हैं। विशुनपुरा में कुछ दिन पूर्व ऐसा ही मामला आया था। इन इलाकों में धर्मांतरण के आरोपी तरह-तरह के आयोजन भी कराते हैं। ताजा मामला नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र का है। इलाके के मोतीछपरा गांव निवासी नौशाद अंसारी सऊदी अरब में रहता था। आने के बाद वह एक किशोरी को नेपाल ले जाकर शादी करने की फिराक में था। पुलिस इसके मोबाइल की मदद से नेपाल कनेक्शन का पता करने में जुटी है। वहीं तरयासुजान थाना क्षेत्र के झड़वा गांव निवासी सज्जाद हुसैन उर्फ आशिक बंगलूरू में रहता था। आने के बाद एक निजी स्कूल का वैन चलाता था। इसका बिहार के सिवान में संपर्क था। वहां पर अक्सर आता जाता था। इसके मोबाइल से किशोरी की हुई बातचीत में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसकी मदद से पुलिस सिवान से लेकर कुशीनगर तक आरोपी सज्जाद के बारे में जानकारी जुटा रही है।