कुशीनगर, जौरा मनराखन व पड़री पिपरपाती में निर्माणाधीन हैं चिकित्सालय
अब तक सिर्फ 50 फीसदी ही राशि हो सकी है अवमुक्त
पडरौना। जिले में आयुष विभाग की सुस्त रफ्तार और बजट के अभाव के कारण तीन राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। आयुष विभाग की तरफ से कुशीनगर, जौरा मनराखन और पड़री पिपरपाती में निर्माणाधीन राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का कार्य रकम अवमुक्त नहीं होने से पूरी तरह ठप पड़ा है।
विभाग के मुताबिक, प्रत्येक राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन के निर्माण के लिए 29.94 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इस निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपी प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई है। हालांकि आयुष विभाग की ओर से अब तक कुल स्वीकृत बजट का केवल 50 फीसदी (लगभग 14.97 लाख रुपये प्रति चिकित्सालय) ही अवमुक्त किया गया है।
शेष 50 फीसदी राशि जारी नहीं होने के कारण कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य बीच में ही रोक दिया है। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों के अनुसार, आयुष विभाग से बकाया 50 फीसदी रकम अवमुक्त कराए जाने के बाद निर्माण कार्य को तेजी से शुरू कर पूरा कर लिया जाएगा।
कोट:-
तीनों राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के निर्माण कार्य के लिए बजट की अगली किस्त जारी कराने के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। बजट आवंटित होते ही कार्यदायी संस्था को धनराशि हस्तांतरित कर दी जाएगी और निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
- डॉ. जगदीश यादव, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, कुशीनगर