दुदही। क्षेत्र के सरगटिया करन पट्टी के तत्कालीन सचिव ने एक ही सड़क निर्माण में दो बार भुगतान कर दिया। इस फर्जीवाड़ा का आरोप पत्र बीडीओ दुदही ने बनाकर सचिव पर कार्रवाई के लिए डीएम और डीपीआरओ को पत्र भेजा है। कार्ययोजना में खड़ंजा कार्य शामिल है, जबकि सीसी सड़क कार्य का भुगतान किया गया है। यह जांच क्षेत्र पंचायत सदस्य ओमप्रकाश तिवारी की शिकायत पत्र पर की गई है। दुदही ब्लॉक के सरगटिया करनपट्टी गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य ओमप्रकाश तिवारी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर सचिव पर फर्जी भुगतान करने का आरोप लगाया था। उनका आरोप था कि एक ही आईडी पर दो-दो बार भुगतान कराया गया है। ब्लाॅक के कंसल्टिंग इंजीनियर से न करा कर दूसरे ब्लाॅक मोतीचक के कंसल्टिंग इंजीनियर से एमबी कराया गया है। इस मामले में बीडीओ दुदही को जांच करने के निर्देश दिए। बीडीओ ने एडीओ पंचायत मजहरुल हक, एडीओ एजी जितेंद्र शर्मा और अवर अभियंता धमेंद्र कन्नौजिया समेत तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। इस मामले में तीन सदस्यीय टीम ने जांच रिपोर्ट बीडीओ को दी। बीडीओ ने आरोप पत्र तैयार कर डीएम, सीडीओ व डीपीआरओ को भेजा है।
उनका आरोप है कि वर्ष 2024-25 में कार्ययोजना में सुबास प्रसाद के घर से राम सकल के घर तक खड़ंजा कार्य शामिल है। इसकी आईडी 103458816 है। सचिव ने शासनादेश के आदेश को दरकिनार कर कामेश्वरी के घर से दुर्गा मंदिर तक सीसी कार्य और मेन रोड से बैटरी गोदाम तक सीसी कार्य कराया गया है। वर्ष 2024-25 में मेनरोड पिच से सीसी होते हुए तिवारी टोला तक खड़ंजा कार्य कार्ययोजना में शामिल है। इसकी आईडी 103459939 है। जबकि इसके स्थान पर सीसीटीवी कैमरा का कार्य कराया गया है। तीसरा कार्य वर्ष 2022-23 के कार्ययोजना में ग्राम सभा में इंटरलॉकिंग कार्य शामिल किया गया है। इसकी आईडी 63913158 है। इसके जगह विद्यासागर के घर से किशोर के घर तक खड़ंजा कार्य और दूसरा कार्य कामेश्वरी के घर से दुर्गा स्थान तक सीसी कार्य कराया गया है।
एक ही सड़क कामेश्वरी के घर से दुर्गा स्थान वर्ष 2022-23 में भी भुगतान किया गया है। इसी सड़क का नाम बदलकर 2024-25 में भी भुगतान किया गया है। इतना ही नहीं सचिव ने बताया कि खाद गड्ढे के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया है, जबकि जांच में गेटवे से बीते वर्ष अगस्त में सोख्ता गड्ढे के मद में 627988 रुपये भुगतान किया गया है। इस मामले में बीडीओ ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि सचिव सभी कार्यों में दोषी पाए गए है। सचिव सुमन सिंह ने तथ्यों को छुपा कर अधिकारियों को भ्रामक जानकारी दी है। उनको दोषी पाया गया है। इनके विरोध अनुशासनात्मक करवाई की जाए।
इस संबंध में सचिव सुमन सिंह का कहना है कि गलती से भुगतान हो गया था। उसे वापस कर दिया गया।