पडरौना। त्योहार और सहालग नजदीक आने के साथ ही बाजार में नकली सामान का स्टाॅक पहुंच जाता है। शादी-विवाह में तरह-तरह के पकवान और होली पर मिठाई और गुझिया के साथ दही-बड़े खिलाने का प्रचलन सबसे अधिक है।
दही बड़े की दाल और मसालों में मिलावट की अधिक मात्रा त्योहार की मिठास में कड़वाहट घोल सकती है। इसलिए त्योहार के सीजन में खाद्य पदार्थों को खरीदने और उनका सेवन करने में सावधानी बरतने की जरूरत है। अधिकतर खाने वाली चीजें शुद्ध नहीं हैं और इनमें मिलावट के मामले सामने आ रहे हैं।
इन्हें खाने से सेहत बिगड़ सकती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से कराए गए नमूनों की जांच में पनीर, बेसन, सोनपापड़ी, दूध और खोआ में मिलावट पाई गई है।
बाजार में बिक रही खाने पीने की हर चीज में मिलावट हो रही है। दूध, दूध से बनी मिठाइयां, रसगुल्ले, बर्फी, दाल, मसाले, नमकीन, बेकरी के सामानों में मिलावट हो रही है। फरवरी में खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से जांच के दौरान संदेह के आधार पर चीनी के एक, पनीर के एक, काली मिर्च के दो, दालचीनी के दो, कलाकंद के एक और बेसन के पांच नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वहीं, बीते माह में इकट्ठा किए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में पाठक मिष्ठान भंडार कसया की सोनपापड़ी, कमलेश किराना स्टोर कप्तानगंज का बेसन, छप्पन भोग तमकुहीरोड के छेना में मिलावट की पुष्टि हुई है।
मदर मिष्ठान भंडार जौराबाजार व जायसवाल स्वीट कसया की लड्डा में अधिक रंग मिला पाया गया है। इसी तरह बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क शिवपुर के दूध, गुप्ता टी-स्टाॅल पडरौना के खोआ और महाबली पनीर भंडार पडरौना से लिए गए खोया के नमूने में फैट की मात्रा कम पाई गई है।
अगले माह के दूसरे सप्ताह में होली है। इसमें दूध और दूध से बनी मिठाइयों का कारोबार अधिक होता है। दुकानदार इसकी मांग पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में मिलावट करने वालों की इस पर खास नजर हाेती है।
ऐसे में लोगों को बाजार में खाने पीने से संबंधित किसी भी तरह के सामानों की खरीदारी करने में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।