जोगिया जनूबीपट्टी में नौवां लोकरंग कार्यक्रम आयोजित हुआ
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फाजिलनगर। जोगिया जनूबीपट्टी गांव में आयोजित दो दिवसीय लोकरंग कार्यक्रम के समापन पर रविवार की रात विभिन्न लोक कलाओं और नाट्य कार्यक्रम हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न दिया गया।
रविवार की रात हिरावल पटना की टीम ने लोकगीत एक दिन राजा मरले तीर चलाके गिरली मैना... कार्यक्रम की शुरूआत की। उसके बाद लोकरंग सांस्कृतिक समिति की सचिव आशा कुशवाहा और अन्य ने फेंक दिहले थरिया बलम गइले झरिया...लोकगीत प्रस्तुत कर लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया। क्षेत्र के लछिया गांव के लोक कलाकारों ने विलुप्त होती जा रही जारी गायन को प्रस्तुत किया।
उसके बाद बकवा सिद्धी मध्यप्रदेश की कलाकार इंद्रावती और उनकी टीम ने गुदुंब बाजा नृत्य का प्रदर्शन किया। सोनभद्र की टीम ने लोक कलाकार कतवारू के निर्देशन में करमा नृत्य प्रस्तुत किया। मध्यप्रदेश की इंद्रावती लोक कला के कलाकारों ने वहां की शैला नृत्य का प्रदर्शन कर सबको रोमांचित कर दिया।
फिर पावानगर महावीर इंटर कॉलेज के संगीत अध्यापक मंगल प्रसाद ने लोकगीत सुनाकर लोक परंपराओं को जीवंत बना दिया। जोगिया के बच्चों ने नाटक का मंचन कर शासन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोगों की कार्यशैली पर व्यंग किया।
विश्वा पटना की टीम ने जो घर जारै आपने... का मंचन किया। अंत में लोकरंग के आयोजक सुभाषचंद्र कुशवाहा ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों को प्रतीक चिह्न और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया।
उन्हाेंने कहा कि यह कार्यक्रम लोक संस्कृति और लोक परंपराओं को संरक्षित करने के प्रति समर्पित है। इस आयोजन में मुन्ना राय, इंद्रजीत कुशवाहा सहित कई लोेगों ने सहयोग किया।