बुद्ध पीजी कॉलेज कुशीनगर में दो दिवसीय वार्षिक समारोह अभिव्यक्ति का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। पहले दिन क्विज प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कॉलेज के प्रेक्षागृह में समारोह का उद्घाटन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अवधेश कुमार तिवारी, कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव डॉ. दयाशंकर तिवारी और प्राचार्य रामप्रकाश यादव ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन और दीप जलाकर किया।
प्रोफेसर अवधेश कुमार तिवारी ने कहा कि कॉलेज के वार्षिक समारोह में अनुशासन, पठन-पाठन, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों की झलक दिखाई देती है। सचिव डॉ. दयाशंकर तिवारी ने कहा कि प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के हुनर को और ऊंचाई प्राप्त होती है। प्राचार्य रामप्रकाश यादव ने कहा कि वार्षिक समारोह कॉलेज के सभी संकायों को समझने का अवसर प्रदान करता है। अतिथियों का स्वागत अभिव्यक्ति-2017 के समन्वयक डॉ. अमृतांशु शुक्ल और अन्य शिक्षकों ने स्मृति चिह्न तथा अंगवस्त्र भेंट कर किया। क्विज प्रतियोगिता में विज्ञान वर्ग को प्रथम, शिक्षा संकाय को द्वितीय और कला संकाय को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। इस प्रतियोगिता के संयोजक डॉ. महबूब आलम रहे। दोपहर बाद वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई। इसका विषय क्या 500 और 1000 रुपये के नोटों के विमुद्रीकरण से भारत में भ्रष्टाचार रुक सकेगा, रहा। इस विषय पर पक्ष में प्रथम स्थान कात्यायनी श्रीवास्तव, द्वितीय श्वेता मल्ल और तृतीय स्थान पर नवीन कुमार दुबे रहे, जबकि विपक्ष में प्रशांत पाठक को प्रथम, श्रेया द्विवेदी को द्वितीय और विनय कुमार यादव को तृतीय स्थान मिला।
समारोह के मुख्य अतिथि भदंत ज्ञानेश्वर और अध्यक्षता सचिव डॉ. दयाशंकर तिवारी ने की। इस प्रतियोगिता की संयोजक डॉ. नीतू सिंह और सहसंयोजक डॉ. गौरव तिवारी व डॉ. सत्यप्रकाश रहे। तीसरी प्रतियोगिता में स्वच्छ भारत को लेकर रंगोली का आयोजन हुआ। यह डॉ. रेखा तिवारी के संयोजन और डॉ. सीमा त्रिपाठी एवं डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी के निर्देशन में संपन्न हुआ। इसमें ग्रुप एफ को प्रथम, ग्रुप ई को द्वितीय और ग्रुप सी को तृतीय स्थान मिला। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. इंद्रासन प्रसाद वर्मा, डॉ. जीपी मंगलम, डॉ. बीके सिंह, डॉ. हरिशंकर पांडेय ने निभाई। इस मौके पर डॉ. आमोद राय, डॉ. अंबिका प्रसाद त्रिपाठी, डॉ. केपी सिंह, डॉ. उर्मिला यादव, डॉ. पारसनाथ श्रीवास्तव, डॉ. राकेश चतुर्वेदी, डॉ. रीतेश सिंह, डॉ. अजय मिश्र, डॉ. पीसैम, डॉ. कुमुद त्रिपाठी, डॉ. अंजुला शुक्ल, डॉ. आरपी पांडेय, डॉ. अनुज कुमार के अलावा शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं काफी संख्या में छात्र-छात्रा मौजूद रहे।