सामुदायिक किचन ने थामे बाढ़ पीड़ितों के आंसू
एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने जन सहयोग से पीड़ितों तक पहुंचाई राहत
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाने का जज्बा मन में है तो उसके लिए कहीं न कहीं से राह जरूर निकल आती है। फिर चाहे कोरोना संकट के चलते पलायन करते मजदूरों की क्षुधा शांत करने का मामला हो या फिर गंडक नदी में बेवक्त दुबारा आई बाढ़ में फंसे पीड़ितों की मदद। उपाय तो बन ही जाता है। कप्तानगंज में सफल रहे सामुदायिक किचन के इस उपाय ने खड्डा क्षेत्र के करीब 20 हजार बाढ़ पीड़ितों के लिए भी बड़ी राहत दी है।
खडडा तहसील क्षेत्र में गंडक नदी के बायीं तरफ 10 गांव बाढ़ प्रभावित हैं। मरचहवा गांव के तीन टोला व बसंतपुर गांव पूरी तरह सड़क मार्ग से कटे हैं। बाढ़ के पानी से घरों में रखा अनाज व भोजन सामग्री हो गया हैं। ईंधन व ऊंचा स्थान नहीं होने की वजह से लोग भूखे रहने को मजबूर थे। बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा करने पहुंचे एसडीएम अरविन्द कुमार ने इन लोगों की दशा देखी तो वहां से लौटकर सरकारी इंतजाम के साथ-साथ सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों को भी इस मुहिम का हिस्सा बना दिया। शुक्रवार को महदेवा व सालिकपुर गांव में सामुदायिक किचन शुरू कराया। अगले दिन शनिवार से मरचहवा व बसंतपुर गांव में भी सामुदायिक किचन शुरू हो गया। इसमें आइपीएल चीनी मिल खड्डा के अलावा कॉलेज प्रबंधक सुरेन्द्र प्रताप सिंह के अलावा डॉ. उपेन्द्र सिंह, आनंद दूबे, प्रद्युम्न तिवारी, विवेकानन्द पांडेय, आलोक तिवारी, रामकृपाल कनौजिया आदि सामाजिक व राजनैतिक कार्यकर्ता भी योगदान कर रहे हैं। एसडीएम अरविन्द कुमार का कहना है कि बाढ़ से घिरे लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या भोजन की थी। सामुदायिक किचन के माध्यम से लोगों के लिए भोजन का प्रबंध कराया गया है। इस कार्य में लोग खुलकर जन सहयोग कर रहे हैं। ग्राम प्रधान मरचहवा इजहार अंसारी, नथुनी, विरेन्द्र ,नरेश, नंदू, दिलीप, फुलमान, छांगुर, महंथ, प्रभु, सोनू, कमलावती, सूरसती, उर्मिला, चंदा आदि ने एसडीएम के इस कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की है।
2350 परिवारों के लिए भेजी डिमांड
खड्डा। गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित खड्डा तहसील क्षेत्र के 2350 परिवारों के लिए राहत सामग्री देने हेतु तहसील प्रशासन ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया है। पिछली बाढ़ में प्रभावित इन लोगों को अब तक कोई राहत सामग्री नहीं मिली है। खड्डा तहसील क्षेत्र के गांव मरचहवा, बसंतपुर, सालिकपुर, महदेवा, विंध्याचलपुर, नरायनपुर, बकुलादह आदि गांव गंडक नदी के किनारे हैं। बीते जुलाई में आई बाढ़ में भी ये सभी गांव बुरी तरह से प्रभावित थे लेकिन उस वक्त प्रशासन ने इन पर ध्यान नहीं दिया था। इस बार एसडीएम अरविन्द कुमार के निर्देश पर तहसीलदार डॉ. एसके राय व नायब तहसीलदार रवि यादव ने राजस्व टीम के साथ सर्वे कराकर पीड़ित परिवारों की सूची तैयार की है। इस संबंध में तहसीलदार डॉ. एसके राय ने बताया कि बाढ़ सहायता हेतु राहत सामग्री की मांग की गई है। सामान उपलब्ध होते ही इसका वितरण करा दिया जाएगा।