- सुबह कोहरा रहने से लोगों को हुई परेशानी, बुधवार को भी बूंदाबांदी की संभावना
- 6.2 किमी की रफ्तार से चली सर्द हवाएं
- अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री रहा
पडरौना। पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ है। पांच दिन बाद सोमवार को धूप खिलने से कुछ राहत मिली, लेकिन आधी रात बाद से कोहरा छा गया। मंगलवार सुबह 11 बजे तक कोहरा रहा, कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी भी शुरू हो गई। इससे लोग ठिठुरने पर मजबूर हो गए। मंगलवार को अधिकतम तापमान 19.1 और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर कुशीनगर में भी दिखाई दे रहा है। मंगलवार को अचानक मौसम बदल गया। पडरौना, कसया, रामकोला समेत जिलेभर में सुबह के समय पड़ रही ओस की बूंदों ने मौसम को और ठंडा कर दिया। सुबह जब लोगों की आंख खुली तो सुबह छह बजे से कोहरा छाया था। साथ ही आठ किमी की रफ्तार से चली हवाओं से मौसम सर्द हो गया। जगह-जगह ओस की बूंद के कारण सर्दी अचानक बढ़ गई। गलन के चलते लोग ठिठुरते नजर आए।
दोपहिया वाहनों पर लोग खुद को गर्म कपड़ों से ढंककर गुजरते दिखे। जबकि चौक-चौराहों पर जगह-जगह लोग अलाव तापते नजर आए। शाम तक बदली रही। कृषि विज्ञान केंद्र सरगटिया के मौसम विज्ञानी श्रुति वी सिंह ने बताया कि सोमवार को आठ किलोमीटर की रफ्तार से सर्द हवा चली। जिससे सर्दी में और अधिक इजाफा होगा। तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आठ और नौ जनवरी को बदली रहने और हल्की बूंदाबांदी होने के साथ सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 8 से 12 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता 60 से 71 प्रतिशत और शाम के समय सापेक्षिक आर्द्रता 30 से 37 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना है। पूर्वानुमान के दौरान तीन से 08 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछुआ हवा चलने की संभावना है।
कड़ाके की सर्दी में सेहत का रखें ख्याल
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय के चिकित्साप्रभारी डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि गलन बच्चों और बुजुर्गों को बीमार कर रही है। इनकी सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी होगी। ओपीडी व इमरजेंसी से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीज पहुंच रहे हैं। सुबह शाम अब ठंड ज्यादा हो रही है। दिन में धूप भी नहीं निकल रही। इससे लोग ठंड से बचाव में लापरवाही बरत रहे हैं। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक हो जाता है। जो बच्चे अस्पताल आ रहे हैं, उनमें वायरल बुखार, निमोनिया, सर्दी, खांसी और जुकाम आदि बीमारियों की शिकायत देखी जा रही है। इसमें सर्दी से बीमार हुए बच्चों की संख्या अधिक है।
ऐसे करें बचाव
- पानी में बच्चों को न खेलने दें और ठंडी चीजें खाने को न दें।
- बच्चों को दूध भी गुनगुना करके दें।
- बुजुर्ग सुबह जल्दी बाहर टहलने न निकलें।
- हल्की धूप के बाद भी ऊनी कपड़े पहनकर निकलें।
- हृदय और उच्च रक्तचाप वाले मरीज विशेष सतर्क रहें।
- सांस लेने में परेशानी पर डॉक्टर की सलाह लें।