फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेहत से लेकर करियर तक सीएम ने पूछे हर मासूम से पांच सवाल

विज्ञापन
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में मरीज के परिजन से जानकारी लेते सीएम योगी आदित्य नाथ और कैबिनेट मंत् - फोटो : KUSHINAGAR
विज्ञापन
सेहत से लेकर करियर तक सीएम ने पूछे हर मासूम से पांच सवाल
विज्ञापन

मासूमों के प्रति सीएम का भावनात्मक जुड़ाव देख अभिभावकों ने की सराहना
पडरौना। जनपद मुख्यालय आए सीएम योगी आदित्यनाथ का काफिला रविवार को मीटिंग हाल में जाने के बजाए अचानक जिला अस्पताल की तरफ बढ़ गया। सीएम ने चाइल्ड वार्ड में भर्ती मासूमों की सेहत और चिकित्सकीय सुविधा ही नहीं, वे पढ़-लिखकर क्या बनना चाहते हैं, यह भी पूछा। बच्चों से इतनी तल्लीनता से बातें करते देख उनके माता-पिता की आंखें भर आईं।
मुख्यमंत्री ने सबसे पहले चिचाइल्ड वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में भर्ती चार साल की पीकू, छह साल की ममता, आठ साल की रिया से उनका हाल जाना। उन्होंने बच्चियों से पूछा कि उन्हें क्या हुआ है, कब से भर्ती हैं, डॉक्टर और नर्स ठीक ढंग से इलाज कर रही हैं कि नहीं, किस कक्षा में पढ़ती हैँ और आगे पढ़-लिखकर क्या बनना चाहती हैं? चाइल्ड वार्ड में ही मनीष और जुबैदा से भी यही सवाल पूछा।
विज्ञापन

इसी तरह जनरल वार्ड में भर्ती रामकोला के पुरानी बाजार की रहने वाली सात साल की आराध्या जायसवाल से भी उन्होंने पूछा कि उसे क्या हुआ है, कब से भर्ती है। इस पर उसकी मां रीता जायसवाल ने बताया बच्ची को वायरल फीवर हुआ है और वह बड़ी होकर डॉक्टर बनने की बात कहती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की तरफ से बच्ची के बारे में उसकी सेहत, देखभाल, उपचार को लेकर डॉक्टरों और नर्स का व्यवहार एवं बच्ची पढ़-लिखकर क्या बनना चाहती है, यह पूछना बच्चों को लेकर उनके लगाव को दर्शा रहा था। उन्होंने कहा कि ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि मुख्यमंत्री जैसे बड़े ओहदे का कोई व्यक्ति बच्चों की सेहत से लेकर करियर तक जानने को इच्छुक हो।
विज्ञापन

इसके बाद मुख्यमंत्री इंसेफेलाइटिस रोगियों के लिए बने आईसीयू में पहुंचे, जहां सलेमगढ़ से आए तीन साल के प्रमोद पुत्र अक्षय, देवतहां के पवन की तीन वर्षीय पुत्री शिवांगी, भेलया के सुजीत की ढाई वर्षीय पुत्री शिवांगी, छावनी पडरौना के गोपाल की सात वर्षीय पुत्री दिव्या, खड्डा क्षेत्र के मिश्रौली निवासी शारदा का दो माह का पुत्र अनुज, रामपुर भाठ के अनिल की दो वर्षीय पुत्री अनीता और जंगल बेलवा के राजेश की 14 वर्षीय पुत्री सुधा सहित सात मासूम भर्ती थे। सीएम ने इनमें से अधिकतर बच्चों या फिर इनके अभिभावकों से भी वही पांच सवाल पूछे कि उन्हें क्या हुआ है, कब से भर्ती हैं, डॉक्टर और नर्स ठीक ढंग से इलाज कर रही हैं कि नहीं, किस कक्षा में पढ़ती हैँ और आगे पढ़-लिखकर क्या बनना चाहती हैं? भर्ती मरीजों में अधिकतर को झटके आ रहे थे। सीएम ने सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय एवं अन्य चिकित्सकीय स्टॉफ को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारीपूर्वक इलाज करने का निर्देश दिया। उन्होंने आईसीयू की तरफ जाने वाली गली में रोशनी का भी प्रबंध करने के लिए सीएमएस को निर्देशित किया। निर्माणाधीन 20 बेड के आईसीयू का काम जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। मासूमों के प्रति सीएम का यह भाव देख अभिभावक उनकी सराहना कर रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें