सीएम ने कोविड की रोकथाम के प्रयास को सराहा, व्यवस्था और चुस्त करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। कोविड-19 की रोकथाम के लिए चल रहे प्रयास की जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री ने बृहस्पतिवार की देर रात अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कोविड की रोकथाम से संबंधित हर पहलू पर जानकारी ली। सीएमओ ने जिला प्रशासन के प्रयास की सराहना करते हुए व्यवस्था और चुस्त करने के लिए निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिले के नोडल अधिकारी पनधारी यादव, डीएम एस. राजलिंगम, एएसपी अयोध्या प्रसाद सिंह और सीएमओ डॉ. एनपी गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। मौजूद अफसरों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण में जिला प्रशासन के अधिकारियों, चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टॉफ, निगरानी समितियों, आरआरटी और स्वच्छताकर्मियों की सर्वाधिक भूमिका है। उनका योगदान सराहनीय है। इसे और प्रभावी बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाए। उन्हें कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों तथा मेडिकल किट के संबंध में सूची प्रदान की जाए, जिससे वह फीडबैक ले सकें। यह सूची इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के पास भी उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि निगरानी समितियां स्क्रीनिंग के कार्य को प्रभावी ढंग से करते हुए कोविड संक्रमित तथा लक्षणयुक्त मरीजों को मेडिकल किट उपलब्ध कराएं। संदिग्ध व लक्षणयुक्त संक्रमितों की टेस्टिंग शीघ्रता से हो। आरआरटी इन संक्रमित व्यक्तियों के संबंध में उनकी स्थिति के अनुसार होम आइसोलेशन, क्वारंटीन तथा अस्पताल में भर्ती की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
सीएम ने कहा कि सभी जनपदों में वेंटिलेटर्स तथा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए गए हैं। ये उपकरण क्रियाशील रहें। उन्होंने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनकी क्रियाशीलता तथा इनके उपयोग के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी सीएचसी, पीएचसी तथा हेल्थ वेलनेस सेंटर प्रभावी रूप से क्रियाशील किए जाएं। वहां पर स्वच्छता व साफ-सफाई के कार्य सहित डॉक्टर्स, पैरामेडिक्स, दवाओं आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। गांवों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वच्छता समितियों का गठन हो। उन्होंने कहा कि ‘मेरा गांव, कोरोना मुक्त गांव’ के दृष्टिगत टीम वर्क के साथ कार्य किया जाए। वर्षा के कारण वॉटरलॉगिंग या जलभराव की शिकायतें न मिलें। जलजमाव को रोके जाने के प्रबंध किए जाएं। विशेषज्ञों के आकलन के दृष्टिगत सभी जिलों को हर तरह की चुनौती के लिए तैयार रहना होगा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर किए जाएं बेहतर बंदोबस्त
सीएम ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) वार्ड तैयार किया जाए। डीएम तथा सीएमओ इस कार्य को शीर्ष प्राथमिकता से पूरा कराएं। पीकू के निर्माण की कार्रवाई प्रभावी ढंग से शीघ्रता के साथ प्रत्येक जनपद में की जाए। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा पिछले तीन-चार वर्षों से कार्य भी किया गया है। पोस्ट कोविड वार्ड की भी स्थापना कर मरीजों का इलाज सुनिश्चित किया जाए।
निगरानी समितियों व आरआरटी की निगरानी करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में निगरानी समितियों और रैपिड रिस्पांस टीम की सतत मॉनीटरिंग की जाए। गांवों में कोरोना की रोकथाम में इन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमारे गांव अभी काफी हद तक संक्रमण से सुरक्षित हैं। सभी जिलों में आरआरटी की संख्या बढ़ाई जाए। आंशिक कोरोना कर्फ्यू में सभी आवश्यक सेवाएं, निर्माण कार्य एवं औद्योगिक गतिविधियां संचालित हैं। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्पडेस्क तथा कोविड केयर सेंटर अनिवार्य रूप से स्थापित हों। कम्युनिटी किचन के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नॉन-कोविड मरीजों के उपचार की व्यवस्था के लिए डेडिकेटेड अस्पताल क्रियाशील रहें। महिलाओं और बच्चों के लिए भी डेडिकेटेड अस्पताल संचालित होते रहें। प्रत्येक जनपद में डायलिसिस की सुविधा मरीजों को उपलब्ध रहे।
जांच और इलाज में मनमानी चार्ज पर निजी अस्पतालों पर हो कार्रवाई
सीएम ने कहा कि जांच और इलाज के संबंध में प्राइवेट लैब व निजी अस्पतालों द्वारा मनमानी और ओवर चार्जिंग की स्थिति में उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। सभी कोविड संबंधी जांच व उपचार के लिए रेट निर्धारित हैं। निजी एंबुलेंसों द्वारा भी मनमाना किराया वसूली को रोका जाए। एंबुलेंस पर रेट लिस्ट चस्पा रहे। कोरोना वॉरियर्स का मनोबल बढ़ाया जाए। ड्यूटी के दौरान उनकी मृत्यु की स्थिति में उनके परिजनों को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई शीघ्रता से की जाए। इसी प्रकार पंचायत चुनावों के दौरान भी कोविड संक्रमित कर्मियों के संबंध में भी स्पष्ट स्थिति रखी जाए। कई जनपदों में प्रभारी अधिकारियों ने भी अच्छा कार्य किया है। उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को कोविड प्रबंधन की रीढ़ बताते हुए कहा कि इन्हें और सुदृढ़ व प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
कोविड प्रबंधन के लिए प्रतिदिन करें बैठक
सीएम ने कहा कि कोविड प्रबंधन के लिए प्रतिदिन डीएम, सीएमओ सहित अधिकारियों की बैठकें सुनिश्चित की जाएं। कोरोना प्रोटोकॉल तथा आंशिक कोरोना कर्फ्यू का पूर्णत: पालन सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी भीड़ एकत्रित न हो। मास्क की अनिवार्यता तथा सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूकता उत्पन्न करते हुए इन्हें सुनिश्चित किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम निरंतर प्रभावी रहे। सब्जी व फल मंडियों में भीड़ की स्थिति न रहे। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अब खाद्यान्न वितरण प्रारंभ हो चुका है। इसकी मॉनीटरिंग की जाए। राशन कार्ड न होने की स्थिति में भी जरूरतमंदों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इस योजना के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण के लिए राशन की दुकानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाते हुए खाद्यान्न वितरण के दौरान उन्हें राशन की दुकानों का भ्रमण करने के लिए आमंत्रित किया जाए। उन्होंने टीकाकरण पर भी जोर दिया। अंत में सीएम ने कहा कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस के उपचार की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जा रही है। इन्हें जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराया जाए।