जिले में शुक्रवार को पहुंचे मुख्य सचिव राजीव कुमार ने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। कहा कि मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल (आईजीआरएस) से संबंधित शिकायतों के निस्तारण में अफसर तेजी लाएं। साथ ही निस्तारण की प्रतिलिपि शिकायतकर्ता को भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। जिनके खिलाफ शिकायतें सही पाई जाएं, उनके खिलाफ निलंबन एवं चार्टशीट अवश्य दिया जाए।
जनप्रतिनिधियों की ओर से मिली शिकायत पर बिजली विभाग के अधिकारियों से ऐसे गांवों की सूची मांगी, जिन गांवों में बिजली की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने सीएमओ से डॉक्टरों की संख्या बताने को कहा। सीएमओ डॉ. अखिलेश कुमार ने 189 के सापेक्ष 113 डॉक्टर तैनात होने की बात बताई। इसके बाद उन्होंने रजिस्टर्ड डॉक्टरों और प्राइवेट प्रैक्टिश करने वालों के बारे में पूछा। इस पर सीएमओ ने बताया कि जिले में 145 रजिस्टर्ड और 85 बिना पंजीकृत डॉक्टर हैं। उन्होंने इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण के लिए जलनिगम, पंचायतीराज, शिक्षा, पशुपालन सहित अन्य सभी विभागों के अफसरों को माइक्रोप्लॉन बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया।
सिंचाई विभाग की समीक्षा में उन्हें नहरों की सफाई न कराए जाने की शिकायत मिली, जिस पर उन्होंने बाढ़ से पहले नहरों और बंधों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने पूछा कि खेत से मिट्टी और बालू निकालने के लिए कितने लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया है, उसका निस्तारण किया गया कि नहीं। इस पर मुख्य सचिव को बताया गया कि कुल 90 प्रार्थना पत्र आए थे, जिनमें 25 का निस्तारण नहीं किया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव ने संबंधित तहसीलदारों को नियमसंगत तरीके से कार्यवाही करने को कहा। आपूर्ति विभाग की ओर से बताया गया कि राशनकार्डों की फीडिंग नहीं हो रही है और एकल यूनिट जारी किया जा रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने एडीएम न्यायिक को निर्देशित किया कि अंत्योदय कार्ड पर राशन का उठान प्रतिमाह किया जा रहा हैं कि नहीं और महिलाओं के नाम से भी खाद्यान्न दिया जा रहा है या नहीं। अगर नहीं दिया जा रहा है, तो इसकी जांच कराई जाए। मानक के अनुसार शौचालय का निर्माण न कराए जाने की शिकायत पर उन्होंने डीपीआरओ से पूछताछ की। डीपीआरओ ने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए टीम का गठन किया गया है। मुख्य सचिव ने कहा कि पर्यटन के मामले में यह जनपद महत्वपूर्ण है। क्योंकि यहां हमेशा टूरिस्ट आते रहते हैं। इसलिए पर्यटन की दृष्टि से इस जनपद को विकसित करने, एयरपोर्ट को गतिशील बनाने के साथ ही पर्यटन से संबंधित सभी पहेलुओं को जोड़ा जाएगा। प्रमुख सचिव पर्यटन अवनीश अवस्थी ने पर्यटन के मामले में जिले की अहमियत को प्रोजेक्टर के माध्यम बताया। बैठक में कमिश्नर गोरखपुर अनिल कुमार, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी, डीएम आंद्रा वामसी, सीडीओ देवीदास, एसपी अशोक कुमार पांडेय, एडीएम कृष्णलाल तिवारी, एएसपी हरिगोविंद, एडीएम न्यायिक साहबलाल के अलावा प्रमुख अभियंता सिंचाई सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।