पडरौना। सोमवार की दोपहर में विजिलेंस टीम ने डीपीआरओ दफ्तर के एक क्लर्क को घूस के 10 हजार रुपयों के साथ पकड़ लिया। जांच में इसके पास से 78 हजार रुपये और मिले। देर शाम पडरौना कोतवाली पुलिस ने इस लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। कहा जा रहा है कि सफाई कर्मियों का मामला देख रहे इस लिपिक के विरुद्ध पहले भी कई बार शिकायत हुई थी, लेकिन अफसरों से नजदीकी के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती थी।
मोतीचक ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मी प्रमोद कुमार गौड़ ने अपने ट्रांसफर के लिए डीपीआरओ कार्यालय के लिपिक राहुल सिंह से संपर्क किया। पटल देख रहे राहुल ने इसके लिए 10 हजार रुपये की डिमांड की। कई बार प्रयास के बाद भी बात नहीं बनी तो अंतत: प्रमोद ने रुपये देना स्वीकार कर लिया। परंतु रुपये देने से पहले प्रमोद ने विजिलेंस टीम से संपर्क किया। टीम के कहने पर सोमवार को सुबह करीब 11 बजे प्रमोद ने डीपीआरओ दफ्तर पहुंचकर राहुल को रुपये दे दिया। दोपहर बाद करीब ढाई बजे अचानक पहुंची विजिलेंस और एंटी करप्शन की टीम ने राहुल को घूस के रुपयों के साथ पकड़ लिया। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय के अन्य कर्मचारी हतप्रभ रह गए। थोड़ी देर बाद ही यहां डीएम की मौजूदगी में स्वच्छ भारत कार्यक्रम के लिए वॉर रूम का उद्घाटन होना था। इसको लेकर कार्यालय में उस वक्त खासी भीड़ थी। विजिलेंस टीम अपना परिचय देते हुए राहुल को लेकर पडरौना कोतवाली आ गई। तलाशी के दौरान राहुल की जेब से 78 हजार रुपये और भी मिले। इनके साथ कई लोगों के नाम लिखी पर्चियां होने की बात भी कही जा रही है। राहुल ने पूछताछ के दौरान ये रुपये वरिष्ठ अफसरों का होने की बात कही, लेकिन अफसरों ने इसकी जानकारी से इन्कार किया। देर शाम कोतवाली में क्लर्क राहुल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो गया। बताया जा रहा है कि सोमवार को इस क्लर्क को गोरखपुर ले जाया जाएगा।