फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: एपी बांध पर यूपी-बिहार के ग्रामीणों में झड़प, पुलिस तैनात

विज्ञापन
ग्रामीणों को समझाती बिहार की पुलिस। 
विज्ञापन
कुशीनगर। अहिरौलीदान के दानचक टोला के पास एपी बांध पर बृहस्पतिवार सुबह पानी का दबाव बढ़ने के बाद बिहार के गोपालगंज से पुलिस के साथ मिट्टी भरी बोरियां लेकर पहुंचे लोगों को कुशीनगर के ग्रामीणों ने रोक दिया। इस दौरान ग्रामीणों के बीच झड़प भी हुई। यूपी के ग्रामीणों ने बिहार के लोगों को लाठी-डंडे लेकर दौड़ा दिया। करीब एक घंटे तक बांध पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हंगामा हुआ।
विज्ञापन

सूचना पर तरयासुजान पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंची। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद बिहार के लोग मिट्टी भरी ट्रालियों के साथ लौट गए। एहतियातन बांध पर दोनों राज्यों की पुलिस तैनात कर दी गई है।
गौरहा गांव के सामने एपी बांध टूटने के बाद सोमवार शाम से अहिरौलीदान के 22 टोलों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बुधवार रात करीब नौ बजे पानी का दबाव बढ़ने से तमकुहीराज-अहिरौली मुख्य मार्ग भी लोकनहा और खैरटिया गांव के सामने क्षतिग्रस्त हो गया। मठिया श्रीराम और अहिरौलीदान के दानचक टोला में भी पानी भर गया।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे दानचक टोला के पास बांध पर दबाव बढ़ने की जानकारी पर गोपालगंज के लोग पुलिस के साथ ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में मिट्टी लेकर पहुंचे। कुशीनगर के ग्रामीणों ने उन्हें मिट्टी डालने से रोक दिया। ग्रामीणों का कहना था कि बांध उत्तर प्रदेश की सीमा में है, इसलिए बिहार के लोगों को यहां काम नहीं करने दिया जाएगा।
गोपालगंज के लोगों का कहना था कि बांध टूटने पर बिहार के कई गांवों में पानी भर सकता है। इसी आशंका को देखते हुए वे बांध को मजबूत करने के लिए मिट्टी डालने पहुंचे थे। एसपी गोपालगंज विनय तिवारी ने बताया कि अहिरौलीदान के पास एपी बांध को नुकसान पहुंचाने की सूचना मिली थी। बचाव के लिए ठेकेदार और ग्रामीण पुलिस के साथ मिट्टी लेकर गए थे लेकिन वहां के लोगों ने बांध को उत्तर प्रदेश का बताते हुए मिट्टी डालने से रोक दिया। बांध की निगरानी के लिए पुलिस तैनात की गई है।
दो किलोमीटर क्षेत्र में निगरानी : घटना के बाद एपी बांध के करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। तरयासुजान पुलिस और पीएसी के साथ बिहार पुलिस भी बांध पर नजर रख रही है। संवेदनशील स्थानों पर बाढ़ खंड के कर्मचारियों को भी लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें