पडरौना। प्रयागराज मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं का जनसैलाब सोमवार को उमड़ पड़ा। इससे रोडवेज के बस मुहैया कराने के सभी दावे धड़ाम हो गए। बस स्टैंड से लेकर वर्कशॉप तक करीब दो किमी तक लंबी कतार लगी रही। 100 बसों के जाने के बाद भी यात्रियों को देर शाम तक बस के लिए भटकना पड़ा।
शाम ढलने के बाद कुछ श्रद्धालु घर वापस लौट गए, बाकी निजी बस, वाहन और खुद की चार पहिया वाहनों से जाना पड़ा। भीड़ को देखते हुए आनन-फानन में गोरखपुर और सिकरीगंज से बसें मंगाई गई हैं। हालांकि, पडरौना से प्रयागराज जाने के लिए ट्रेन की कोई व्यवस्था नहीं है।
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर स्नान करने जाने के लिए रोडवेज की ओर से 100 बसों को रिजर्व किया गया था। पडरौना डिपो के अलावा सिकंदराबाद और गोरखपुर अन्य जिले की बसें शामिल की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की उम्मीद से अधिक भीड़ होने के कारण रोडवेज की व्यवस्था लड़खड़ा गई और श्रद्धालु बस के लिए परेशान हो गए। पडरौना बस स्टैंड से लेकर करीब दो किमी दूरी पर स्थिति वर्कशॉप तक श्रद्धालुओं की भीड़ दोपहर बाद ऐसी उमड़ी कि बसें कम पड़ गई। सड़क पर कुंभ यात्री घंटों इंतजार करना पड़ा। इसके चलते शहर में दोपहर दो बजे के बाद रामकोला, जिला मुख्यालय पर जाने वाली सड़क पर करीब दो किमी से अधिक जाम लगा रहा।
वहीं बस कंडक्टर और चालक अपने चहेतों को पीछे वाली इंमरजेंसी खिड़की से वर्कशॉप में बैठा रहे थे। यह देख यात्रियों ने विरोध करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस पर चालक और कंडक्टर बोले कि इन लोगों का सीट पहले से बुक है। इसके बाद डिप्टी बाबू पहुंचे और चालक कंडक्टर को फटकार लगाते हुए यात्रियों को शांत कराया। भीड़ को देखते हुए एआरएम ने सिकरीगंज और गोरखपुर जिले से 30 से अधिक बसों की मांग की। सिर पर सामान लिए यात्री इधर-उधर पूरे दिन भटकते नजर आए।