पडरौना में सड़कें तो हैं चौड़ी, पर कहीं खड़ी होती बाइक तो कहीं बिकती चाय-पकौड़ी
रात में चौड़ी दिखने वाली सड़क दिन में कम हो जाती है, अतिक्रमण से लगता है जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। नगर के भीतर सड़कें तो चौड़ी हैं, लेकिन अधिकतर सड़क पर अतिक्रमण से आवागमन में दिक्कत हो रही है। नगर के भीतर रात में जो सड़कें 30 से 40 फीट चौड़ी दिखती हैं, वह दिन में सिकुड़कर 20 फीट तक पहुंच जाती हैं। सड़कों पर कहीं बसें खड़ी दिखाई देती हैं तो कहीं टेंपो व ई-रिक्शा नजर आते हैं। समस्या बढ़ाने के लिए ठेले और खोमचे वाली दुकानें लग जाती हैं। चौराहों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात पुलिस के सामने दिनभर चलने वाली मनमानी से लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
नगर के सुभाष चौक से कसया रोड और रामकोला रोड की चौड़ाई 40 फीट है, लेकिन इसके दोनों ओर दुकानदारों से लेकर टैक्सी और बसों का कब्जा रहता है। रामकोला रोड पर बलुचहा तक दोनों तरफ दुकानों का सामान, ई-रिक्शा और टेंपो खड़े रहते हैं। पेट्रोल पंप के पास निजी बसों का स्टैंड है।
यहीं हाल कोतवाली रोड का है। इस रोड पर बीच में डिवाइडर बना हुआ है। इसके दोनों तरफ दुकानें हैं। यहां दुकानदारों और ग्राहकों की बाइक खड़ी होती है। ठेले वाले भी अपनी दुकान लगा लेते हैं। बाजार में भीड़ होने पर सड़क जाम हो जाती है। सुुुुभाष चौक से सड़क तिलक चौक पर पहुंचती है। इस सड़क की चौड़ाई 40 मीटर है।
रात में यह सड़क खाली दिखती है। दिन में तिलक चौक पर चारों तरफ दुकानें सजने से सड़क आधे से अधिक घट जाती है। इस चौराहे पर फलों की दुकानें भी लगती हैं। यहां पर दोनों तरफ दुकानदार सामान बाहर रखते हैं। इससे दिन में यातायात का दबाव बढ़ने पर जाम की नौबत आ जाती है।
नगर के जटहा रोड की चौड़ाई 40 फीट है। यहां बिहार बॉर्डर के अलावा जिले के लोग आते हैं। इस रोड पर दिनभर टेंपो, ई-रिक्शा और बसें खड़ी होती हैं। दोनों तरफ ठेले और फलों की दुकान लगती है। इससे सड़क की चौड़ाई 20 फीट हो जाती है। इस जगह पर लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। यहां दिन में आने के बाद लगता है कि सड़क गायब हो गई है।
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नगर में अतिक्रमण की वजह से सबसे ज्यादा जाम लगता है। सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों की वजह से दिक्कत आती है। टेंपो और ई-रिक्शा वाले दिन में सड़क पर ही सवारी भरते हैं। इसका खामियाजा राहगीरों को भुगतना पड़ता है।
श्रीनिवास जायसवाल, पडरौना निवासी
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दिन में रविंद्र नगर जाने पर सड़क पर जगह कम पड़ जाती है। रात में आठ बजे के बाद निकलिए तो हर जगह सड़क चौड़ी नजर आती है। रामकोला रोड हो या फिर कसया या तिलक चौक, हर जगह काफी जगह नजर आती है।
बबलू, पडरौना निवासी
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नगर में सड़कें तो चौड़ी हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर दिनभर बेतरतीब वाहन खड़े होते हैं। इस वजह से सड़क पर चलने भर की जगह नहीं रह जाती है। ऐसे में सख्ती करने की जरूरत है कि ताकि हर नगर में चौराहों और मुख्य सड़कों पर किसी तरह का अतिक्रमण न रहे।
इंजीनियर मनोज सिंह, पडरौना
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कोट
नगर में समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। नगर पालिका के साथ मिलकर अतिक्रमण हटवाया जाता है। सड़क पर खड़े होने वाले वाहनों का चालान काटा जाता है। इस संबंध में यातायात पुलिस और थानों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
धवल जायसवाल, एसपी
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यह हो सकते हैं उपाय
- नगर में सभी सड़कों का अतिक्रमण हटवाया जाए।
- सड़क पर सवारी भरने वाले वाहनों का पड़ाव (पार्किंग) बनाया जाए।
- दिन में ठेले वालों के एक जगह स्थिर रहने के बजाय उन्हें चलते रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
- ई-रिक्शा के जगह-जगह रुकने के बजाय उनके लिए स्थान निर्धारित किया जाए।
- दुकानों के सामने रखे गए सामान को हटवाया जाए।