पडरौना। पिछले तीन दिनों से धूप खिलने से लोगों को भले ही शीत लहर से राहत मिली है, लेकिन ठिठुरन अभी भी दूर नहीं हुई है। सुबह हो या शाम, सर्द हवा चलने से लोग ठिठुरने के लिए विवश हैं। ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
खरमास प्रारंभ होने के पहले से ही शीतलहर शुरू हो गई थी। छह दिनों तक लोगों को शीतलहर के दौरान ठंड से ठिठुरना पड़ा था। जो जहां था, वहीं अलाव या गर्म कपड़ों में दुबका रहता था। इस कड़ाके की ठंड से थोड़ी निजात तो जरूर मिली है, लेकिन सुबह और शाम सर्द हवा चलने के कारण ठिठुरन अभी भी दूर नहीं हुई है।
हालांकि इन दिनों विद्यालयों में अवकाश रहने की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे थे, लेकिन मंगलवार से विद्यालय भी खुल जाएंगे। ठंड के चलते अभिभावक अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। सुबह-शाम के वक्त लोग ठिठुरन से बचने के लिए अलाव के आगे बैठे दिख रहे हैं। सोमवार को भी इसी तरह ठिठुरन से बचने के लिए अलाव के आगे बैठे नजर आए।