पर्याप्त किताबें उपलब्ध नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
कक्षा सात के विद्यार्थियों को अभी तक नहीं मिल सकी गणित और विज्ञान की पुस्तकें
डिबनी बंजरवा। तमकुहीराज क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों में अभी तक सभी विषयों की पुस्तकें नहीं मिली हैं। सामान्य विषयों की बात कौन कहे, विद्यार्थियों के पास गणित और विज्ञान की किताबें नहीं है। इससे उन्हें पढ़ने में परेशानी हो रही है।
सोमवार सुबह दस बजे जूनियर हाईस्कूल लतवा मुरलीधर में नामांकित कुल 117 छात्रों में 70 विद्यार्थी स्कूल आए थे। इस समय एमडीएम के अनुरूप चावल सब्जी बन रही थी। प्रधानाध्यापक वसी अहमद ने बताया कक्षा सात की गणित और विज्ञान की पुस्तकें नहीं आई हैं। सुबह 10:25 बजे प्राथमिक विद्यालय कोटवा अहिरौली में कुल 144 विद्यार्थी नामांकित है। प्रधानाध्यापक रीना श्रीवास्तव ने बताया कि कक्षा पांच में अभी किसलय 23, गणित ज्ञान 19, संस्कृत सुबोध 29, अंग्रेजी 26, प्रकृति 23 आई हैं।
इसी तरह कक्षा चार के विद्यार्थियों के लिए फुलवारी 28, अंक जगत 27, संस्कृत सुधा 35, अंग्रेजी 36 की पुस्तक मिली हैं। शेष पुस्तकें अभी नहीं मिली है। सुबह 10:45 बजे प्राथमिक विद्यालय माधोपुर बुजुर्ग में नामांकित कुल 108 विद्यार्थियों में से 70 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। तैनात प्रधानाध्यापक छुट्टी पर थे। सहायक अध्यापक निहारिका सिंह ने बताया कक्षा पांच के विद्यार्थियों को अभी तक विभिन्न विषयों की कुल 18 पुस्तकें ही मिली हैं। कक्षा चार में कुल 27 छात्रों के सापेक्ष सभी विषयों की 16-16 पुस्तकें ही उपलब्ध हैं।
सुबह 11:05 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय माधोपुर बुजुर्ग में कुल 104 बच्चे नामांकित मिले। इसमें से 53 बच्चे उपस्थित रहे। प्रभारी प्रधानाध्यापक अजीमुद्दीन अंसारी ने बताया कक्षा आठ के लिए अभी गणित, महान व्यक्तित्व, संस्कृत और विज्ञान की पुस्तकें नहीं आई है। पर्यावरण की केवल पांच पुस्तकें स्कूल को मिली हैं। कक्षा में कुल 40 बच्चे नामांकित हैं। वितरण के लिए पर्यावरण और खेल और स्वास्थ्य की केवल 5-5 पुस्तकें आई हैं। महान व्यक्तित्व की एक भी पुस्तक नहीं आई है। कक्षा छह में 34 बच्चे नामांकित हैं। इस कक्षा में वितरण के लिए महान व्यक्तित्व, पर्यावरण और संस्कृत की पुस्तकें नहीं आई हैं। इस संबंध में बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने बताया कि अभी तक जिले में 90 फीसदी किताबें ही मिली हैं। प्राप्त किताबों को संबंधित विद्यालयों में भिजवा दिया गया है। शेष किताबें उपलब्ध होते ही विद्यार्थियों तक पहुंचा दी जाएंगी।