मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज करते चिकित्सक।संवाद
पडरौना। होली के बाद से ही तेजी से बदल रहे मौसम के चलते बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ उल्टी और खांसी की समस्या से भी बच्चे जूझ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज रविंद्रनगर की ओपीडी में इन दिनों प्रतिदिन बुखार से पीड़ित लगभग 100 बच्चे आ रहे हैं। कुछ लोगों में वायरल निमोनिया और एंटेरिक फीवर के मामले भी सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, लापरवाही से स्थिति घातक हो सकती है।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ असिस्टेंट प्रोफेसर सप्तऋषि भट्टाचार्य ने बताया कि होली के बाद से ही मौसम में तेजी से परिवर्तन आया है। दिन में तापमान काफी बढ़ जाता है और रात ठंडी हो जा रही है। ऐसे में बच्चों की सेहत पर खासा असर पड़ रहा है। बच्चे इन दिनों वायरल संक्रमण से ग्रसित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों ओपीडी में करीब 200 मरीज आते हैं। इनमें से 40 से 50 फीसदी बच्चों में तेज बुखार आना, खांसी, उल्टी, जुकाम आदि रोग हो रहे हैं। ऐसे में बच्चे का शरीर गर्म लगने पर तुरंत ही थर्मामीटर से बुखार को नापना चाहिए। यदि बुखार 100 डिग्री के आसपास है तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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ऐसे करें बचाव
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- बच्चे में पानी की कमी न होने दें।
- उबला हुआ पानी छानकर ठंडा होने पर दें।
- नारियल पानी भी दे सकते हैं।
- कपड़े साफ और हल्के पहनाएं।
- हल्का और पौष्टिक आहार दें।