थाना क्षेत्र के गांव गोपालगढ़ के एक युवक का शव बृहस्पतिवार की सुबह भरौली गांव के पोखरे में मिला। रात को इस पोखरे पर मूर्ति विसर्जन को लेकर गोपालगढ़ गांव और कसया कस्बे के कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव गोपालगढ़ गांव के सामने फोरलेन पर रखकर जाम लगा दिया। करीब तीन घंटे बाद एसडीएम और सीओ के आश्वासन पर जाम खत्म हुआ।
बुधवार की रात गोपालगढ़ गांव के कुछ युवक देवी लक्ष्मी की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए बगल के गांव भरौली स्थित पोखरे पर पहुंचे थे। कहा जा रहा है कि वहां इन युवकों का कसया कस्बे के कुछ युवकों से प्रतिमा विसर्जन को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद गोपालगढ़ गांव के युवक मूर्ति को वहां से बाईपास स्थित शिव मंदिर पोखरे पर ले गए और वहीं विसर्जित कर घर लौट गए। मूर्ति विसर्जन में गए गोपालगढ़ गांव का युवक संदीप चौरसिया (24) पुत्र भृगुन चौरसिया देर रात तक घर नहीं पहुंचा। परिजन और कुछ गांव के कई लोग उसे देर रात तक खोजते रहे लेकिन उसका कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार की सुबह भरौली पोखरे में युवक का शव दिखा तो कोहराम मच गया। परिवार वाले और गांव के तमाम लोग पोखरे पर पहुंचे और शव लेकर गोपालगढ़ आ गए। सुबह करीब आठ बजे लोगों ने गांव के सामने ही फोरलेन पर शव रखकर जाम लगा दिया। लोग हत्यारों की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। बड़ी मान मनौव्वल के बाद एसडीएम और सीओ ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाकर जाम खत्म कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस संबंध में एसओ उमाशंकर यादव का कहना है कि मृत युवक के परिवारीजनों की तरफ से दी गई तहरीर पर चार नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।