कप्तानगंज। किसानों के गेहूं खरीदने को लेकर विभाग की तरफ से कागजों में क्रय केंद्र खुल गए हैं लेकिन केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल है। वहीं, गेंहू बिक्री में किसानों को फार्मर रजिस्ट्री भी परेशान कर रही है। गेंहू बिक्री के लिए किसानों का फार्मर रजिस्ट्री होना जरूरी है। ऐसे में जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है,उन्हें गेंहू बिक्री करने में परेशानी हो रही है। बिक्री के लिए हर हाल में किसानों को फार्मर रजिस्ट्री करवानी होगी।
क्षेत्र में कप्तानगंज प्रथम और द्वितीय क्रय केंद्र तहसील मुख्यालय से कुछ दूर बनाया गया। यहां रविवार सुबह 11.30 बजे दोनों केंद्र बंद मिले। हालात यह रहा कि क्रय केंद्र के बाहर कोई बोर्ड सहित जरूरी जानकारी से संबंधित कोई सूचना अंकित नहीं दिखाई दी। कुछ ऐसा ही हाल पचार गेंहू क्रेय केंद्र का था। यहां भी ताला बंद था। गेंहू बिक्री करने पहुंचे किसान परमजीत सिंह,विनोद मिश्रा,दीनानाथ शुक्ला,राम निवास यादव,विजय सिंह, योगेन्द्र सिंह,उपेंद्र सिंह,गंगा सागर मिश्रा ने कहा कि बनाए गए क्रय केंद्रों पर कोई व्यवस्था नहीं है,इसके चलते उन्हें परेशानी हो रही है।
लक्ष्य पांच हजार क्विंटल, 250 क्विंटल की हुई खरीदारी : बरवापट्टी। क्षेत्र के अमवादीगर क्रय केंद्र को पांच हजार क्विंटल गेंहू खरीद का लक्ष्य मिला हुआ है। लेकिन अब तक सिर्फ 250 क्विंटल गेंहू की खरीद हुई है।
क्रय केंद्र प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि अब तक सात किसान से ढाई सौ क्विंटल गेंहू की खरीदारी हुई है। किसान दलबीर प्रसाद ने बताया कि खेती की जमीन बड़ी गंडक नदी में विलीन हो गई है,वर्तमान में परिवार के खाने भर का ही उत्पादन हो रहा है,इसलिए बिक्री करने का कोई सवाल ही नहीं उठ रहा है। हालांकि गेंहू की तय दर ठीक है।