पडरौना। चक्रवात के बाद बेपटरी हुई बिजली आपूर्ति से शहर और गांव के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। शहर में पानी के लिए लोगों को शनिवार को सुबह तरसना पड़ा। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर पालिका से आने वाली सप्लाई के पानी से लोगों को काम चलाना पड़ा। पीने के लिए लोगों को पानी खरीदना पड़ा। बिजली नहीं होने से सरकारी कार्यालयों से लेकर दुकानों पर जनरेटर का सहारा लोगों को लेना पड़ा। खराबी को ठीक करने में अतिरिक्त लाइनमैनों को लगाकर काम कराया जा रहा था, लेकिन 24 घंटे बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसकी वजह से लाखों का कारोबार प्रभावित हुआ।
जनपद में शुक्रवार की शाम आई तेज आंधी और बारिश से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन काफी नुकसान का सामना भी करना पड़ा। रविंद्र नगर धूस और पडरौना उपकेंद्र से जुड़े 30 से अधिक बिजली के पोल और तार पेड़ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए। रविंद्र नगर के डीएम, एसपी समेत अन्य कार्यालयों और मेडिकल कॉलेज में रात से ही जनरेटर चलाकर काम किया जा रहा है। इसके अलावा पडरौना शहर समेत करीब 500 से अधिक गांवों में लोगों को बिजली होने से कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों को दूसरे गांव या चौराहों पर जाना पड़ रहा है। पडरौना शहर के दुकानदार व कारोबारियों को जनरेटर की मदद लेनी पड़ी। बिजली नहीं होने के कारण पानी का बोलत ठंडा नहीं होने के कारण बिक्री दुकानदारों की प्रभावित रही जो दुकानदार जनरेटर चलाकर फ्रीज चला रहे थे वह बीस रुपये का पानी 25 रुपये में बेच रहे थे। शनिवार को उमसभरी गर्मी के बीच लोगों को दिन गुजारना मुश्किल रहा। घरों में मौजूद महिलाओं व बच्चों को सर्वाधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। छितौनी और खड्डा क्षेत्र में भी लाइनमैन तार व पोल को ठीक करने में जुटे रहे। वहीं दुदही नगर में भी बिजली नहीं होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन भी सड़क पर गिरने पेड़ की कटाई कर हटाते हुए लोग दिखे। जिले में छितौनी, खड्डा, रविंद्र नगर, पडरौना, दुदही क्षेत्र में चक्रवात का असर अधिक रहा। बिजली निगम के अनुसार 15 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। पडरौना और रविंद्र नगर उपकेंद्र की मेन सप्लाई कसया से आती थी। इसके चलते दोनों उपकेंद्र की आपूर्ति ठप रही। रविंद्र नगर में मेन सप्लाई आ गई है। सरकारी आवास, मेडिकल कॉलेज, डीएम कार्यालय की आपूर्ति देर रात तक शुरू होने की संभावना है, ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति कहीं मंगलवार की रात तक बहाल होगी। वहीं पोल व तार ठीक कर पडरौना उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल करने में बिजलीकर्मी जुटे हैं।
गांवों में बिजली आने में लगेगा समय
छितौनी उपकेंद्र से जुड़े गांवों की आपूर्ति मंगलवार को बहाल होने की उम्मीद है। इसे ठीक करने में लाइनमैन, जेई और एसडीओ जुटे हैं। पिछले साल आए चक्रवात में भी छितौनी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लड़खाई थी। इसे ठीक करने में लापरवाही बरतने वाले पडरौना के एक्सईएन पर कार्रवाई भी हुई थी। इस बार भी जो मरम्मत करने की गति है। काफी धीमी है। हालांकि डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने क्षतिग्रस्त तार व पोल को ठीक कर अविलंब आपूर्ति ठीक करने का निर्देश दिया है। खड्डा का टाउन फीडर की आपूर्ति तीन बजे बहाल होने का दावा बिजली निगम की ओर से किया गया है जबकि ग्रामीण क्षेत्र की आपूर्ति अभी भी ठप है।
आपूर्ति बहाल करने के लिए लगाए गए कर्मी
एसई प्रदीप वर्मा का कहना है कि रविंद्र नगर और पडरौना की मेन लाइन अलग-अलग जाती है। रविंद्र नगर उपकेंद्र और खड्डा उपकेंद्र की मेन लाइन बहाल कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के पोल और तारों को ठीक कराया जा रहा है। पडरौना, छितौनी और दुदही क्षेत्र की आपूर्ति बहाल करने के लिए लाइनमैन, एक्सईएन, जेई और एसडीओ को लगाया गया है। चक्रवात से काफी नुकसान हुआ है। 300 से अधिक पोल टूट गए हैं, इसमें 50 हाईटेंशन के पोल शामिल हैं।