रामकोला। त्रिवेणी चीनी मिल परिसर में मंगलवार को किसान शहीद दिवस मनाया गया। वर्ष 1992 में पुलिस की गोली से मरे पड़ोही और जमींदार मियां की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार दोहरी नीति बनाती है। एक पूंजीपतियों की और दूसरी किसानों की। पूंजीपतियों की नीति में उनसे कोई सौदा करती है, उन्हें माल लेने से पहले ही उनको भुगतान करती है। लेकिन, किसानों की फसल का समय पर भुगतान नहीं करती है। जब किसान अपनी उपज का सही मूल्य मांगते हैं, तो सरकार उन पर लाठी और गोली चलवाती है। यह सरकार किसान विरोधी है।
उन्होंने कहा कि चीनी मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। इसके बावजूद सरकार मिल मालिकों पर भुगतान के लिए दबाव नहीं डालती है। सरकारों के गलत निर्णय का खामियाजा लोग झेल रहे हैं। आयोजक पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कप्तानगंज चीनी मिल बंद हो गई है। इस पर किसानों का 44 करोड़ रुपये बाकी है। मुख्यमंत्री के गृह शहर की पिपराइच चीनी मिल पर भी किसानों का करोड़ों रुपये बकाया है। मुख्यमंत्री से मंत्री तक किसानों के गन्ना मूल भुगतान को लेकर उदासीन हैं। इससे किसान परेशान हैं। सरकार को इसका जवाब आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता देगी। कार्यक्रम को पूर्व एमएलसी रामअवध, पूर्व विधायक पूर्णमासी देहाती, पूर्व विधायक डाॅ. पीके राय, जिलाध्यक्ष शकुरल्लाह अंसारी, रणविजय सिंह, ब्लॉक प्रमुख दिग्विजय सिंह उर्फ लक्ष्मण सिंह आदि ने संबोधित किया।
इस दौरान इलियास अंसारी, बबलू यादव, शैलेंद्र प्रताप सिह, मुन्ना यादव, बिक्रमा यादव, सचिन राजेश्वर गोविंद राव, रामप्यारे कुशवाहा आदि मौजूद रहे।