पडरौना। जनपद में संचालित हो रही चीनी मिलों में चीनी की पैकिंग से लेकर हर महत्वपूर्ण स्थान पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी सीडी तैयार करने के साथ ही अलग रजिस्टर पर चीनी के स्टॉक और उसके रख रखाव के संबंध में ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। ताकि चीनी मिल में गन्ना की घटतौली से लेकर चीनी की चोरी रोकने के साथ ही वहां की संपूूर्ण गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
जनपद में संचालित होने वाली पांच चीनी मिलों में आईपीएल ग्रुप की खड्डा चीनी मिल की पेराई क्षमता 16 हजार मीट्रिक टन, त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज ग्रुप की रामकोला चीनी मिल की पेराई क्षमता 65 हजार मीट्रिक टन, कानोडिया सुगर मिल कप्तानगंज की पेराई क्षमता 60 हजार मीट्रिक टन, यूपी सुगर कारपोरेशन लिमिटेड सेवरही की पेराई क्षमता 50 हजार मीट्रिक टन और न्यू इंडिया सुगर मिल ढाढ़ा की पेराई क्षमता इनमें सबसे अधिक 80 हजार मीट्रिक टन है।
चीनी मिलों में गन्ना की घटतौली व चीनी की बोरियों की चोरी आदि रोकने के साथ-साथ चीनी मिल की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए डीएम ने जनपद की इन सभी चीनी मिलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया है। ये सीसीटीवी कैमरे चीनी की बोरियों की पैकिंग स्थल से लेकर गोदाम तक सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए जाने हैं। डीएम ने कैमरे लगाने के साथ साथ प्रतिदिन चीनी तौल की मात्रा व बोरों की संख्या की वीडियोग्राफी कर उसकी सीडी तैयार कराने और उसका संपूर्ण ब्यौरा रजिस्टर में दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
भारतीय किसान संघ के गोरक्ष प्रांत के महामंत्री व लमुहा गांव के निवासी छोटेलाल सिंह ने 10 जनवरी को किसान दिवस की समीक्षा बैठक में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने डीएम का ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराते हुए कहा था कि चीनी मिलों में गन्ना की घटतौली के साथ-साथ चीनी पैकिंग में भी गड़बड़ी की जाती है। कुल पेराई में से कुछ चीनी की बोरियां या तो बाहर भेज दी जाती हैं या अलग गोदाम में रखी जाती हैं। उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने चीनी की पैकिंग से लगायत उसके रख-रखाव पर नजर रखने के लिए यह निर्देश दिया है।
सभी चीनी मिलों के कांटे पर सीसीटीवी कैमरे पहले से लगाए गए हैं। इसके अलावा चीनी पैकिंग से लेकर गोदाम और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का चीनी मिलों को निर्देश दे दिया गया है। साथ ही उन्हें इसकी सीडी तैयार करने और अलग रजिस्टर में चीनी के स्टॉक का विवरण दर्ज करने के लिए भी चीनी मिलों के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
वेदप्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी।