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सीबीसीआईडी ने शुरू की डबल मर्डर की जांच

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सीबीसीआईडी ने शुरू की डबल मर्डर की जांच
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- मार्च 2019 में बंधुछपरा गांव के दो युवकों की हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। थाना क्षेत्र के बंधुछपरा गांव के दो युवकों की निर्मम हत्या की गुत्थी सीबीसीआईडी सुलझाने में जुट गई है। चार वर्ष पूर्व हुई इस घटना में पुलिस ने कुछ नामजद आरोपियों को जेल भेजा था। एक पक्ष पुलिस की कहानी को गलत बताते हुए हाईकोर्ट पहुंच गया। कोर्ट ने सीबीसीआईडी को जांच का जिम्मा सौंपा है।
शुक्रवार को सीबीसीआईडी की एएसपी (जांच अधिकारी) रचना मिश्रा ने स्थानीय पुलिस के साथ गांव में पहुंचकर घटना से जुड़े लोगों से जानकारी प्राप्त की और लिपिबद्ध किया था।
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उल्लेखनीय है कि मार्च 2019 में बंधूछपरा गांव के पास नहर की पटरी पर एक शव बरामद हुआ था। शव का सिर व दोनों हाथ का पंजा गायब था। शव बंधुछपरा गांव निवासी राजकुमार पुत्र चंद्रिका का बताया गया। इस दरम्यान नहर के अंदर से एक और शव बरामद हुआ। उसके सिर में गोली मारी गई थी। इसकी पहचान गांव निवासी टुनटुन के रूप में हुई थी।
राजकुमार के पिता की तहरीर पर पड़ोसियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने नामजद लोगों को हत्या के आरोप मे जेल भेजा दिया था। वर्तमान में सभी जमानत पर बाहर बताए जा रहे हैं। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब टुनटुन के परिजनों ने राजकुमार को जीवित व टुनटुन का हत्यारा बता दिया। उनका यह भी आरोप है कि सिरकटी लाश किसी दूसरे की थी और राजकुमार कहीं छुपा हुआ है।
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टुनटुन के घरवाले निष्पक्ष जांच के लिए उच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे और कोर्ट ने सीबीसीआईडी को गुत्थी सुलझाने का आदेश दे दिया। अब यह जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि पुलिस की कहानी व टुनटुन के परिजनों की कहानी में सच कौन है। सीबीसीआईडी की एएसपी रचना मिश्रा के साथ मौजूद खड्डा थाने के एसआई पीके सिंह ने बताया कि डबल मर्डर की जांच चल रही है।
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