पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के नोनिया पट्टी गांव की 25 महिलाओं को विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से ऋण दिलाने के बाद पांच लाख रुपये लेकर चंपत जालसाज दंपती पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। फाइनेंस कंपनी के वर्कर ऋण चुकता कराने के लिए महिलाओं के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं और घरेलू सामान उठाकर ले जाने की धमकी दे रहे हैं। इससे परेशान जालसाजी की शिकार हुई महिलाओं ने एसपी से मिलकर शिकायत की थी।
नोनिया पट्टी गांव की मुन्नी, निशा समेत 25 महिलाओं का फर्जी पहचान पत्र बनवाकर गांव के अकबर और उसकी पत्नी राबिया ने विभिन्न कंपनियों से महिलाओं के नाम पर पांच लाख रुपये ऋण ले लिया। अकबर ने कहा कि आप लोगों को किस्त में इतने रुपये कम जमा करने पड़ेंगे। महिलाओं ने तय किस्त जमा करती गईं। पांच लाख रुपये बचा तो फाइनेंस कंपनी के वर्करों से कहा कि इतने रुपये पहले ही अकबर और उसकी पत्नी ले चुकी हैं। फाइनेंस कंपनी के वर्करों ने कहा कि अकबर ने एक भी रुपया फाइनेंस कंपनी में जमा नहीं किया है। उससे कंपनी का कोई लेना देना नहीं है।
यह सुनकर महिलाएं घबरा गईं और अकबर के घर पहुंचीं तो पता चला कि अकबर अपनी पत्नी के साथ किसी शहर में काम करने गया है। उसका मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ बता रहा है। उधर, फाइनेंस कंपनी के वर्कर ऋण जमा करने के लिए महिलाओं पर दबाव बनाने लगे। ऋण जमा नहीं करने पर दरवाजे पर बंधे जानवर और घरेलू सामान उठा ले जाने की धमकी दी। इससे परेशान महिलाओं ने एसपी से मिलकर शिकायत की। एसपी के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने अकबर और इसकी पत्नी पर केस दर्ज कर लिया है। सीओ अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि केस दर्ज कर जालसाज दंपती की तलाश की जा रही है।