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सचिव और बैंक कर्मचारी पर केस दर्ज

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सचिव और बैंक कर्मचारी पर केस दर्ज
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सरकारी धन के गबन और धोखाधड़ी का था मामला
न्यायालय के आदेश पर नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने की कार्रवाई
पकड़ियार बाजार। शौचालय निर्माण के लिए आए धन का गबन करने के मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन ग्राम सचिव और बैंक कर्मचारी पर गबन व धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा खैरटिया शितलापुर में वर्ष 2018 में तत्कालीन प्रधान रहे जगदीश यादव ने अपने गांव में शौचालय निर्माण कराने के लिए पात्र व्यक्तियों की सूची बना कर एडीओ पंचायत से बजट की मांग की। इस पर उन्हें जानकारी दी गई कि आप के गांव में 40 शौचालय का पैसा एडवांस पड़ा है।
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ग्राम निधि के संयुक्त खाते में राशि नहीं मिलने पर प्रधान ने तत्कालीन सचिव कन्हैया मौर्या से जानकारी ली तो वह गुमराह करने लगे। आठ नंवबर 2019 को प्रधान ने बीडीओ और पांच दिसंबर 2019 को सीडीओ को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम सचिव पर 40 शौचालय के मद के चार लाख 92 हजार रुपये चेक पर फर्जी दस्तखत बनाकर बैंक कर्मचारियों के मिलीभगत से गबन किए जाने की शिकायत की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
उधर शिकायत की जानकारी के बाद ग्राम सचिव ने अपने सहयोगियों के माध्यम से ग्राम निधि के खाते में अगस्त 2020 में चार बार में मिलाकर नकद एक लाख 92 हजार रुपये जमा कर दिया। जांच में हस्ताक्षर फर्जी और ग्राम निधि खाते में नकद पैसा जमा कराने से गबन प्रमाणित होने के बावजूद कार्यवाही नहीं हुई।
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इससे परेशान होकर पूर्व प्रधान ने पांच मार्च को न्यायालय में अपील कर न्याय की गुहार लगाई। पडरौना सीजेएम न्यायालय ने नेबुआ नौरंगिया पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने और परिणाम से न्यायालय को अवगत कराने का हुक्म दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने तत्कालीन सचिव कन्हैया मौर्या और इलाहाबाद बैंक शाखा पडरौना में तैनात रहे कर्मचारी पर धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
न्यायालय के आदेश पर ग्राम सचिव और बैंक कर्मचारी के खिलाफ गंभीर धारा में मुकदमा दर्ज कर, मामले की जांच की जा रही है।
-अतुल श्रीवास्तव, एसएचओ नेबुआ नौरंगिया
आरोपी कितना ही मजबूत क्यों न हो, वह कानून से नहीं बच सकता। इस मामले में अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
-जगदीश यादव, पूर्व प्रधान खैरटिया शितलापुर
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