जेल में बंद श्रमिक को मनरेगा से किया भुगतान, पूर्व प्रधान व सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज
उजारनाथ। पटहेरवा थाने की पुलिस ने पूर्व प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई तमकुही क्षेत्र के ग्राम पंचायत बभनौली के एक मनरेगा मजदूर के देवरिया जेल में बंद रहने के दौरान उसे मनरेगा में कार्य करते दिखाकर किए गए भुगतान के संबंध में की गई है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बभनौली निवासी प्रद्युम्न सिंह ग्राम सभा का मनरेगा मजदूर है। उसे पिछले प्रधान के कार्यकाल में सात से तेरह मई 2020 तक 07 दिन मनरेगा में कार्य दिखाकर भुगतान कर दिया गया, जबकि उस दौरान पांच मई को उस श्रमिक को पटहेरवा थाने की पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत उपजिलाधिकारी तमकुही के न्यायालय में चालान कर दिया गया था। उपजिलाधिकारी ने उसे श्रमिक की जमानत खारिज कर जेल भेज दिया था। इस कारण वह देवरिया जेल में निरुद्ध रहा। जेल में रहने के दौरान ही उस व्यक्ति को मनरेगा में कार्य करते दिखाया गया व उसकी हाजिरी लगाई गई। इसकी जानकारी आरटीआई से मिली। जब उस गांव के निवासी प्रदीप सिंह ने इस मामले की शिकायत लोकपाल मनरेगा से की तो लोकपाल ने ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक व तत्कालीन ग्राम प्रधान को साक्ष्य के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कई बार बुलाया। जब ये लोग उनके समक्ष उपस्थित नहीं हुए तो उन्हें दोषी मानते हुए तत्कालीन प्रधान सुरसती देवी, पंचायत सचिव सुनील सिंह, तकनीकी सहायक रविंद्रनाथ मिश्रा के विरुद्ध भुगतान की गई मजदूरी को राजकीय कोष में जमा कराने के साथ ही संबंधित थाना पटहेरवा में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
इस संबंध में पटहेरवा थाने के एसओ अखिलेश कुमार सिंह का कहना है कि लोकपाल मनरेगा के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।