- दलित को बेरहमी से पीटने का मामला
-जमीन का दलित और सपा नेता के बीच चल रहा है कोर्ट में मुकदमा
-पूर्व में भी दोनों के बीच चुका है विवाद
-पीड़ित ने पुलिस पर तहरीर बदलवाकर केस दर्ज करने का लगाया आरोप
पडरौना। समर्थकों के साथ घर में घुसकर सपा नेता ने दलित की बेरहमी से पिटाई कर दी। बीच बचाव करने गए परिवार के अन्य सदस्यों को भी पीटा। गंभीर रूप से घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने सपा नेता समेत 14 लोगों पर केस दर्ज कर लिया है। पूर्व में भी दोनों पक्षों के बीच जमीन के विवाद में मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। कई दिनों तक कोतवाली का चक्कर लगाने पर पुलिस ने तहरीर में बदलाव कराने के बाद कार्रवाई किया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के जंगल खिरकिया गांव निवासी रामऔतार प्रसाद और सपा नेता तथा प्रधान प्रतिनिधि नागेंद्र यादव ने बीच जमीन को लेकर विवाद चलता है। इसी बात को लेकर 23 अक्तूबर की देर शाम नागेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ रामऔतार के दरवाजे पर पहुंचा।
कोर्ट में चल रहे जमीन के मुकदमे में सुलह के लिए दबाव बनाते हुए धमकाने लगा। विरोध करने पर रामऔतार की पिटाई लोहे की रॉड और डंडे से घर में घुसकर किया। बीच बचाव करने आए रामऔतार के घर वालों को भी चोटे आई हैं। गंभीर रूप से घायल रामऔतार का मारपीट में एक हाथ फ्रैक्चर और सिर फट गया है।
इलाज कराने के बाद रामऔतार कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। लेकिन पुलिस केस दर्ज करने के बजाय उसे दौड़ाती रही। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने दिए गए तहरीर से कुछ आरोपियों का नाम निकलवा दिया। पुलिस इस मामले में नागेंद्र यादव, अवधी, गोपाल, मुन्ना, दिनेश, उमेश, अविनाश, श्रीवंती देवी, रिंकू देवी, चांदनी, पूनम, सुभाष प्रभु पर बलवा, प्राणघातक हमला, हाथ तोड़ने, एससी-एसटी का केस दर्ज किया है। कोतवाल राजप्रकाश सिंह ने बताया कि पीड़ित ने जो तहरीर दिया था। उस आधार पर केस दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों के बीच जमीन का विवाद चलता है।
वहीं सपा नेता प्रधान पति नागेंद्र यादव ने बताया कि अवधी और रामऔतार के बीच मारपीट हुई थी। घटना के समय हम घर पर नहीं थे। पुलिस घायलों को लेकर जब अस्पताल जा रही थी तो रास्ते में मुलाकात हुई थी। मारपीट से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। जमीन को लेकर मारपीट नहीं हुई है, जो भी मामला होगा वह कोर्ट में लंबित है।