पटहेरवा। क्षेत्र के पिपरा कनक गांव के प्रधान और उनकी पत्नी पर धोखाधड़ी का केस पुलिस ने दर्ज किया है। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। क्षेत्र के गगलवा गांव निवासी समीर आलम ने कोर्ट में वाद दाखिल कर बताया था कि वह दिव्यांग हैं और ग्रामसभा के एक नवीन परती की भूमि पर वर्षों से काबिज हैं। पीड़ित ने कोर्ट में दाखिल बाद में बताया कि ग्रामसभा में एक मदरसा में कार्यरत एक विज्ञान शिक्षक सफीक निवासी सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहंदिया थाना तरयासुजान की ओर से पिपरा कनक की पूर्व प्रधान रही हनसतारा को पक्ष में कर मेरे कब्जे वाली भूमि पर पट्टा करा लिया गया, जबकि विज्ञान शिक्षक इस ग्रामसभा के निवासी भी नहीं है। अपर जिलाधिकारी न्यायिक के वहां वाद दाखिल किया।
इस पर अपर जिलाधिकारी न्यायिक की कोर्ट में सफीक से गंगलवा के निवास का डिटेल मांगा गया तो वर्तमान प्रधान मजीबुल व इनकी पत्नी पूर्व प्रधान हसनतारा द्वारा फर्जी तरीके से हल्का लेखपाल को भ्रमित कर सफीक सहित उसकी पत्नी और पुत्रों का निवास प्रमाण जारी करा लिया गया।
उसी निवास के आधार पर सफीक व उसके परिवार के लोगों का गंगलवा का आधार के दौरान मुकदमा बनवाया गया। अपर जिलाधिकारी के आदेश में भी सफीक को मेहंदिया का निवासी बताया गया। प्रधान सहित अन्य लोग गाली गलौज और धमकी देते हुए जमीन खाली करने को कहा। इसकी सूचना पटहेरवा पुलिस और जरिए रजिस्ट्री पुलिस अधीक्षक को दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोर्ट के आदेश पर पटहेरवा पुलिस सफीक अहमद निवासी सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहंदिया थाना तरयासुजान, वर्तमान प्रधान मजीबुल होदा, इनकी पत्नी व पूर्व प्रधान हसनतारा निवासी पिपराकनक थाना पटहेरवा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई में जुटी है।