पडरौना। कसया में अवैध तरीके से संचालित होने वाले एक अस्पताल पर केस दर्ज कराया गया है, जबकि पडरौना शहर के दो और एक तमकुहीराज के निजी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया है। वहीं डॉक्टर को बिना बताए उनकी डिग्री का इस्तेमाल कर अस्पताल का रजिस्ट्रेन कराने वाले रक्षक हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है। सीएमओ के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है।
करीब दो माह पूर्व जिले के छह अस्पतालों में दलालों के माध्यम से मरीजों को खरीदने बेचने का मामला सामने आया था। तत्कालीन डीएम विशाल भारद्वाज के निर्देश पर इसकी जांच के लिए पडरौना, कसया और तमकुहीराज एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जांच हुई तो मामला सही मिला। इसमें कसया के हाईवे के किनारे संचालित दीनदयाल हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन नहीं था।
सीएमओ के आदेश पर कसया सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मारकंडेय चतुर्वेदी की तहरीर पर पुलिस ने अवैध अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, वहीं पडरौना के छावनी में संचालित सिटी हब हॉस्पिटल, एमएस हॉस्पिटल, तमकुहीराज के फरहान अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
जीवन रक्षक अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि इसका संचालक गोरखपुर के एक डॉक्टर की डिग्री का फोटो कॉपी चुराकर गलत तरीके से अस्पताल का रजिस्ट्रेशन कराया था। एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि झोलाछाप यहां पर इलाज करते हैं, जिस डॉक्टर के नाम पर अस्पताल का रजिस्ट्रेशन वह डॉक्टर पडरौना में कई वर्षों से आया भी नहीं है और उसको रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी भी नहीं है। हालाकि कसया सीएचसी प्रभारी को अवैध अस्पताल पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को रिमाइंडर भेजना पड़ा था। इसके बाद सीएचसी अधीक्षक ने केस दर्ज कराया। तहरीर में अस्पताल संचालक का नाम पता अज्ञात है, दर्शाया गया है। पुलिस धोखाधड़ी का केस दर्ज कर विवेचना कर रही है।