पडरौना। राज्य सरकार ने अभी गन्ना मूल्य भले ही तय नहीं किया है, लेकिन चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी हैं।
किसान इस बात से चिंतित हैं कि गन्ना मूल्य कितना और कब तक घोषित किया जाएगा। कहीं ऐसा न हो कि मिलों पर गन्ना भेज दें और भुगतान में विलंब हो जाए। वैसे भी चीनी मिलों पर पिछले सत्र का ही लगभग 88 करोड़ रुपये बाकी है। मौजूदा समय में कुल पांच चीनी मिले ही गन्ना पेराई कर रही हैं।
सेवरही चीनी मिल ने तीन दिसंबर, ढाढ़ा चीनी मिल ने पांच दिसंबर, रामकोला और कप्तानगंज की चीनी मिलों ने सात दिसंबर ने पेराई सत्र की शुरूआत की थी। खड्डा चीनी मिल ने भी 14 दिसंबर को पेराई सत्र की शुरूआत कर दी। जिले में चीनी मिलों के कुल 253 गन्ना क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें किसानों का गन्ना आवंटित होगा।
पांचों चीनी मिलें गन्ना की पेराई तो करने लगी हैं, लेकिन भुगतान अभी नहीं किया जा रहा है। वजह यह है कि राज्य सरकार की ओर से गन्ना मूल्य का अभी तक निर्धारण नहीं किया गया है।
ऐसे में किसान भी उहापोह की स्थिति हैं। विभाग का भी कहना है कि गन्ना मूल्य का निर्धारण शासन को करना है, जितना तय होगा, उसके अनुरूप भुगतान कराया जाएगा। यहां बता दें कि अभी पिछले पेराई सत्र का ही लगभग 88 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य चीनी मिलों पर बकाया है। गोदामों में उपलब्ध चीनी को बेचकर किसानों के बकाया मूल्य का भुगतान किया जा रहा है।