हाटा। नियम कानून की धज्जियां उड़ाकर हाईवे पर मौत बनकर दौड़ रहे गन्ना लदे ट्राला (बड़ी ट्राली) आए दिन पलट जा रहे हैं। रविवार को भी हाटा कस्बे में टेलीफोन एक्सचेंज के पास ऐसा ही ओवरलोड गन्ना लदा ट्राला अनियंत्रित होकर पलट गया। इसके चलते हाईवे का एक लेन करीब तीन घंटे तक बाधित रहा। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने क्रेन से ट्राला को हटवाकर आवागमन शुरू कराया।
गन्ना क्रय केंद्रों से मिल तक गन्ना ढुलाई का कार्य ट्रकों की बजाय बड़ी-बड़ी ट्रालियों से कराया जा रहा है। कृषि कार्य की आड़ में चलने वाले इन ट्रालों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। रविवार को भी दोपहर करीब दो बजे कसया की तरफ से गन्ना लदा ऐसा ही एक ट्राला ढाढ़ा चीनी मिल में जा रहा था। हाटा कस्बे के बाघनाथ चौराहे के पास यह ट्राला ओवरलोड के चलते अनियंत्रित होकर फोरलेन हाइवे पर पलट गया। संयोग अच्छा था कि उस वक्त कोई गाड़ी नहीं आ रही थी, वरना कई जानें भी जा सकती थीं। सड़क पर गिरे गन्ना व ट्राला के चलते एक लेन पूरी तरह से जाम हो गया। वाहन चालकों को दूसरे लेन से आना-जाना पड़ा। इसके चलते काफी देर तक वहां वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहा।
शाम करीब पांच बजे एनएचएआई के अफसरों ने इसका संज्ञान लिया और क्रेन बुलाकर ट्राला व गन्ना को सड़क के किनारे हटवाया। इसके बाद जाकर आवागमन सामान्य हो पाया।
कोतवाल वेदप्रकाश राय ने इस संबंध में बताया कि अवैध रूप से गन्ना ढुलाई का कार्य कर रहे इन ट्रालों की धरपकड़ की गई थी। इधर फिर इस तरह के ट्रालों का संचालन शुरू हो गया है। जल्दी ही अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई होगी।
ट्रक के आकार के इन ट्रालों पर करीब 200 क्विंटल गन्ने की लोडिंग की जाती है। इन ट्रालों को ट्रैक्टर से खींचा जाता है। ट्रालों के पहियों में ब्रेक सिस्टम नहीं होता है। कई बार ढलान पर होने पर या किसी अन्य वजह से ट्रैक्टर में ब्रेक लगाने के बाद भी ट्राले की गति धीमी नहीं हो पाती है। ऐसी स्थिति में हादसों की आशंका बढ़ जाती है।