पकवा इनार (कुशीनगर)। महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विश्वविद्यालय निर्माण के शिलान्यास स्थल पर सुरक्षा संबंधी टीम पहुंच चुकी है। एक से दो दिन के अंदर निर्माण कार्य के लिए इंजीनियरिंग से जुड़ी टीम भी पहुंच जाएगी।
बुधवार शाम को सुरक्षा टीम के सिक्योरिटी सुपरवाइजर नर्वदेश्वर दूबे ने बताया कि विश्वविद्यालय निर्माण कार्य आरंभ कराने के लिए सुरक्षा टीम आई है। जल्दी ही इंजीनियरिंग टीम के एक्सपर्ट भी पहुंच जाएंगे। उसके बाद प्रशासनिक स्तर पर वार्ता के उपरांत निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। ऐसी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य वेंसा इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कराएगी। अभी सिर्फ सुरक्षा टीम के लिए ही कंटेनर पहुंचा है। बृहस्पतिवार को इंजीनियरिंग और बैठक के लिए अलग से कंटेनर पहुंच जाएंगे। जहां से पूरे साइट के काम की देखरेख व कागजों से जुड़ी जानकारी अपडेट की जाएगी।
बता दें कि 10 मार्च को सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामाभार स्तूप के पास महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का भूमि पूजन किया था। साथ ही 21.34 अरब की 483 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत प्रदेश के 20 हजार किसानों को सोलर पंप की स्थापना के लिए प्रमाण पत्र दिया। इसके अलावा 25 जिलों के 49 ब्लॉकों में 49 किसान कल्याण केंद्रों का शिलान्यास तथा राज्य स्तरीय विराट किसान मेले का शुभारंभ बटन दबाकर किया।
सीएम ने कहा था कि कृषि क्षेत्र में विशिष्ट अनुसंधान, नवाचार और शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा। किसानों को उच्च गुणवत्ता के बीज एवं उत्तम तकनीक की उपलब्धता के साथ प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में फसल उत्पादन की तकनीक के ज्ञान की भी प्राप्ति होगी। इस विश्वविद्यालय से पूर्वी उत्तर प्रदेश के दस जिलों तथा देवरिया,गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती,संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, बलिया और मऊ को प्रत्यक्ष लाभ के साथ बिहार और नेपाल के किसानों को भी लाभ मिलेगा। इस मौके पर साइट एरिया मैनेजर सूर्य भूषण दूबे सहित सुरक्षा गार्ड मौजूद थे।