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Kushinagar News: नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में बस चालकों ने की हड़ताल, ट्रक चालकों का चक्का जाम

Tue, 02 Jan 2024 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कसया नेशनल हाइवे पर नया मोटर एक्ट के विरोध में जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करते ट्रक ड्राइवर।
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कुशीनगर। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में परिवहन निगम के चालक सोमवार को हड़ताल पर रहे। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें गंतव्य तक जाने के लिए पडरौना सहित अन्य बस स्टेशनों पर घंटों वाहनों इंतजार करना पड़ा। ट्रक चालक भी आंदोलनरत रहे। राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर कसया जैन धर्म कांटा के पास ट्रक चालकों ने चकका जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा तमकुहीराज थाना क्षेत्र के मंझरिया में एनएच-28 जाम कर प्रदर्शन किया। चालकों ने नए कानून को काले कानून की संज्ञा दी और इसमें संशोधन की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। अवध एक्सप्रेस दो घंटे और कामाख्या-कटरा एक्सप्रेस एक घंटा विलंब से पहुंची। कन्फर्म टिकट के लिए भी यात्री परेशान रहे।
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रोडवेज की सभी बसें खड़ी रहीं वर्कशॉप में, स्टेशन पर इंतजार करते रहे यात्री
पडरौना। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में रोडवेज के बस चालक भी हड़ताल पर रहे। पडरौना बस स्टेशन पर खड़ी सभी बसों को छावनी स्थित वर्कशॉप पर ले जाकर खड़ी कर दिए। गोरखपुर, लखनऊ सहित अन्य शहरों के लिए बस स्टेशन पर यात्री घंटों इंतजार के बाद दूसरे वाहनों से गंतव्य को रवाना हुए।
पडरौना डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि बस चालकों की अघोषित हड़ताल के कारण रोडवेज की बसें खड़ी हैं। जब तक चालक हड़ताल से वापस नहीं आ जाते, तब तक बसों का संचालन कर पाना संभव नहीं है। अगर चालकों को किसी तरह भेजा भी जा रहा है तो रास्ते में अन्य बड़े वाहनों के चालक बसों को रोककर चालक और परिचालक के साथ मारपीट कर रहे हैं।
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यात्री बोले-
मुझे दिल्ली जाना है। इसके लिए पडरौना से बस स्टेशन पर आया हूं। पिछले दो घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन यहां कोई बस नहीं आई है। घर से बाइक मंगा रहा हूं।-अफजल, जटहां बाजार
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मैं बिहार के राम रहमानपुर से आ रहा हूं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में मरीज को देखने जाना है। पिछले एक घंटे से पडरौना बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई बस नहीं आ रही है। -पप्पू यादव, राम रहमानपुर, बिहार
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गोरखपुर जरूरी काम से जाना है। आधा घंटा से पडरौना बस स्टेशन पर बस का इंतजार कर रहा हूं। सुनने में आ रहा है कि हड़ताल है। अब जाना कैंसिल करना पड़ेगा। -
अशरफ अहमद, जंगल खिरकिया
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मुझे अहमदाबाद के लिए गोरखपुर से ट्रेन पकड़नी है। पिछले आधा घंटा से बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोई बस नहीं आ रही है। घर से गाड़ी मंगाई है, उसी से गोरखपुर जाऊंगा। -नासिर अली, जंगल शाहपुर, खिरकिया
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नव वर्ष मेले के दौरान ट्रक चालकों के चक्का जाम से हर ओर लगा जाम

संवाद न्यूज एजेंसी
कसया। नए मोटर व्हीकल एक्ट के विरोध में ट्रक चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-28 पर कसया जैन धर्म कांटा के पास सोमवार को जमकर नारेबाजी की। इसके बाद चक्का जाम कर धरना दिया। चालकों ने नए कानून को काला कानून की संज्ञा दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद जाम खत्म कराया।
सोमवार को ट्रक चालकों की तरफ से किए गए चक्का जाम की वजह से नव वर्ष मेले में आने वाले छोटे-बड़े वाहन जगह-जगह फंस गए। जाम से एनएच-28 के दोनों प्रमुख लेन पर काफी लंबा जाम लग गया। इससे नव वर्ष के मेले में जाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चालकों को समझाकर जाम खत्म कराना चाहा, लेकिन चालक अपनी मांग पर अड़े रहे। जाम को देख अपने समर्थकों के साथ पहुंचे नगरपालिका परिषद कुशीनगर के अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश कुमार जायसवाल ने भी चालकों को समझाते हुए जाम खत्म करने को कहा, जिस पर चालक उग्र हो गए और धक्का मुक्की करते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे। चालकों ने कहा कि इस कानून में चालकों को 10 वर्ष की जेल व सात लाख जुर्माना देना होगा। हम लोग काफी गरीब हैं और किसी तरह परिवार का भरण पोषण करते हैं। ट्रांसपोर्टर के साथ किसान, व्यापारी व चालक बर्बाद हो जाएंगे। यह कानून वापस लिया जाए। हाईवे चौकी प्रभारी संदीप कुमार सिंह, कुलदीप मौर्य, कुशीनगर चौकी प्रभारी विवेक पांडेय मयफोर्स पहुंचे और जाम को खुलवाने के लिए ट्रक चालकों को समझाने का प्रयास किया। फिर भी चालक टस से मस नहीं हुए। करीब दो घंटे बाद जैसे ही पीएसी बल मौके पर पहुंचा, ट्रक चालक तीतर बितर हो गए और पुलिस ने जाम खुलवा दिया। तब जाकर आवागमन बहाल हुआ।
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हिट एंड रन के खिलाफ ट्रक चालकों ने किया एनएच जाम-
तमकुहीराज। नए कानून हिट एंड रन के खिलाफ ट्रक चालक सोमवार को तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एनएच-28 स्थित मंझरिया के पास सड़क जाम कर विरोध करने लगे। हालांकि, एनएच पर आवागमन बाधित होने की सूचना पर पहुंचे तमकुहीराज थाने के इंस्पेक्टर अतुल श्रीवास्तव ने चालकों क़ो समझा-बुझाकर यातायात बहाल कराया।

मिली जानकारी के मुताबिक नए कानून के तहत सरकार हिट एंड रन मामले में दुर्घटना होने पर चालकों के खिलाफ दस साल की सजा और सात लाख रुपये जुर्माना लगाने की घोषणा की है। बीते कई दिनों से सोशल साइट पर नए कानून के खिलाफ एकजुटता के बाबत संदेश भी चलाये जा रहे हैं। इसमें चालकों से विरोध करने और यातायात बाधित करने की बात कही जा रही है।

सोमवार क़ो तमकुहीराज थाना क्षेत्र के एनएच स्थित मंझरिया के पास ट्रक चालकों ने एनएच-28 जाम कर दिया। इस कारण कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। ट्रक चालकों का कहना था कि वे गरीब परिवारों से हैं। चालक के रूप में मिलने वाले वेतन से बड़ी मुश्किल से परिवार का जीवन यापन हो पाता है। कुछ एक मामलों को छोड़कर उनका प्रयास रहता है कि दुर्घटनाएं न होने पाएं।

मोटर व्हकील एक्ट के तहत सरकार के नए कानून के तहत चालकों को दस साल की जेल और सात लाख रुपये के अर्थदंड का प्रावधान है, जो कत्तई मंजूर नहीं है। सरकार को नए कानून में परिवर्तन या निरस्त करना चाहिए। सूचना मिलने पर पहुंचे तमकुहीराज थाने के एसएचओ ने समझा बुझाकर जाम समाप्त कराया।
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टेंपो और बाइक के सहारे लोगों ने की यात्रा
हाटा। साल के पहले दिन ही बस और ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण रोडवेज की बसें नहीं चलने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। लोगों को आने जाने के लिए टेंपो और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा। हड़ताल की वजह से पूरे दिन नेशनल हाइवे सूना रहा।
सोमवार को साल के पहले ही दिन चालकों ने हड़ताल कर दी। इस हड़ताल में रोडवेज बसों के चालकों के शामिल होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। सड़क के किनारे खड़े होकर लोगों को घंटों वाहनों का इंतजार करना पड़ा। कुछ लोग तो टेंपो के सहारे यात्रा कर लिए, लेकिन भीड़ की वजह से बहुत से लोगों को यात्रा रद्द कर वापस घर लौटना पड़ा। दोपहर बाद कुछ निजी बसों के चलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली।

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दो दिन दौड़ने पर भी नहीं मिला कन्फर्म टिकट, अवध दो घंटे और कामाख्या-कटरा एक्सप्रेस एक घंटा रही विलंब

संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। कोहरे के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। ट्रेनें सोमवार को भी विलंब से कप्तानगंज जंक्शन पर पहुंची। हड़ताल के चलते रोडवेज की बसों का संचालन बंद होने के कारण बहुत से यात्री कप्तानगंज जंक्शन पहुंचे थे, लेकिन उन्हें ट्रेनों का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। कंन्फर्म टिकट न मिलने से भी यात्री ठंड में परेशान हुए।
लक्ष्मीगंज निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि सुबह नौ बजे से गोरखपुर से जसवंतपुर जाने के लिए तत्काल टिकट लेने आया था, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिला। वेटिंग टिकट से यात्रा करने को मजबूर हूं, क्योंकि जाना बहुत जरूरी है।कप्तानगंज निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के लिए सप्तक्रांति सुपरफास्ट ट्रेन से दिल्ली जाने के लिए तत्काल कोटे से टिकट लेने आए थे, लेकिन कन्फर्म टिकट नहीं मिला। पप्पू कुमार, मनोज गुप्ता, दीपू, रुदल, बेलास, रविंदर कुमार, दिवाकर पाल सहित कई अन्य लोग भी तत्काल टिकट लेने स्टेशन आए थे।
कड़ाके की ठंड के कारण सोमवार को 15655 कामाख्या-कटरा एक्सप्रेस ट्रेन, जो कामाख्या से वैष्णो देवी को जाती है, वह निर्धारित समय 9 बजे के बजाए एक घंटा बिलंब से पहुंची। 15273 सत्याग्रह एक्सप्रेस, जो रक्सौल से दिल्ली को जाती है, वह निर्धारित समय 10.20 बजे के बजाए 37 मिनट विलंब से पहुंची। 19037 अवध एक्सप्रेस जो बांद्रा से चलकर बरौनी को जाती है, वह निर्धारित समय 12.20 बजे के बजाए दो घंटे विलंब से पहुंची। 19038 अवध एक्सप्रेस जो बरौनी से बांद्रा को जाती है, वह निर्धारित समय 3.50 बजे के बजाए 15 मिनट बिलंब से पहुंची। 15274 सत्याग्रह एक्सप्रेस जो दिल्ली से रक्सौल को जाती है, वह निर्धारित समय 11.25 बजे के बजाए 30 मिनट बिलंब से पहुंची।
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