कसया। महापरिनिर्वाण मंदिर में बुधवार को देशी और विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं ने तथागत बुद्ध की लेटी प्रतिमा के समक्ष श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने तथागत की प्रतिमा पर चीवर अर्पित कर मानव कल्याण, विश्व शांति और समस्त प्राणियों के सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही महापरिनिर्वाण मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। विभिन्न देशों से पहुंचे बौद्ध अनुयायियों के साथ भारतीय श्रद्धालुओं ने भी बौद्ध परंपरा के अनुसार त्रिशरण एवं पंचशील का वाचन किया। इसके बाद भगवान बुद्ध की 6.10 मीटर लंबी शयन मुद्रा में स्थापित प्रतिमा पर चीवर अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने ध्यान-साधना कर बुद्ध के उपदेशों को आत्मसात करने का संकल्प भी लिया।
पूजा-अर्चना के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण में डूबा रहा। बौद्ध भिक्षुओं के मंगलपाठ और बुद्ध वंदना से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के बताए करुणा, अहिंसा, प्रेम और शांति के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
विदेशी पर्यटकों ने कुशीनगर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत की सराहना करते हुए महापरिनिर्वाण मंदिर की भव्यता और शांत वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण स्थल पर पूजा करना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव है।
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और स्मारकों का अवलोकन किया।