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भाई की तबीयत बिगड़ने लगी तो नीचे उतरा भीम

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भाई की तबीयत बिगड़ने लगी तो नीचे उतरा भीम
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तमकुहीराज तहसील की पानी टंकी पर चढ़े भाइयों ने प्रशासन को डाल दिया था मुश्किल में
बृहस्पतिवार की रात में 34 घंटे बाद नीचे उतरे थे दोनों भाई
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीराज। नौकरी व आर्थिक सहायता की मांग करते हुए 34 घंटे तक तमकुहीराज तहसील की पानी टंकी पर बैठे रहे दोनों भाई शुक्रवार को आंदोलन के नफा नुकसान का आकलन करते रहे। हालांकि प्रशासन से मिले आश्वासन पर इन्हें यकीन है। भीम का कहना है कि वह अपने भाई की तबीयत बिगड़ने के चलते नीचे उतरा था।
तरयासुजान थाना क्षेत्र के सियरहा परसौनी गांव निवासी भीम राजभर के माता-पिता की बीते अक्तूबर में हत्या हो गई थी। घटना के अगले दिन पहुंचे नेताओं ने धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद भीम को कई आश्वासन मिले थे। इसके बाद से ही वह तहसील का चक्कर काट रहा है। नियमों की बध्यता बताकर अफसर हर बार टरका देते थे। बीते 12 नवंबर को भीम तमकुहीराज तहसील भवन की छत पर चढ़कर प्रशासन से पुराने वायदों को पूरा करने की मांग करने लगे। इसके बाद दोनों भाइयो को आवासीय पट्टा दे दिया गया। 13 नवंबर को किसान बीमा योजना एवं मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पांच लाख की सहायता राशि के लिए शासन को पत्र भेजा गया। भीम आर्गन वेल्डर का कारीगर है। परंतु उसे प्रशासन ने नव सृजित नगर पंचायत तमकुहीराज में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी में रखने की बात कही। भीम का कहना है कि वायदे पूरा नहीं होने के चलते ही वह अपने भाई अर्जुन के साथ पानी की टंकी पर जा चढ़ा। टंकी पर दिन तो कट गया लेकिन रात में अर्जुन की तबीयत खराब हो गई। दूसरे दिन भी दोनों भाई वहीं जमे रहे लेकिन रात में ठंड व भूख के अलावा भाई की बीमारी के चलते भीम को नीचे आना पड़ा।
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एसडीएम तमकुहीराज एआर फारूकी का कहना है कि इस परिवार को नियमों के दायरे में रहकर जितनी मदद की जा सकती है, उतनी की जा रही है। नगर पंचायत में संविदा पर नौकरी व आवासीय पट्टे की मांग पूरी कर दी गई है। आर्थिक मदद के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही वह भी दिया जाएगा परंतु अपनी मांग के लिए पानी टंकी पर चढ़कर प्रशासन को मुश्किल में डालने का निर्णय सही नहीं था। प्रशासन ने इसके साथ पूरी हमदर्दी दिखाई और 34 घंटे तक लगातार दोनों भाइयों व इनके परिवार से नीचे उतरने की गुजारिश की गई। प्रशासन की तरफ से जो भी संभव मदद है, वह की जा रही है।
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